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राजनाथ सिंह ने आगरा में जाति आधारित राजनीति पर साधा निशाना, इतिहास के पुर्नलेखन की उठाई मांग

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:33 PM (IST)

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा में खटीक गर्जना सम्मेलन में जाति आधारित राजनीति पर प्रहार किया और इतिहास के पुर्नलेखन की बात उठाई।

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HighLights

  1. राजनाथ सिंह ने आगरा में जाति आधारित राजनीति पर कड़ा प्रहार किया।

  2. उन्होंने खटीक समाज के इतिहास के पुर्नलेखन की बात उठाई।

  3. शिक्षा, सशक्तिकरण पर जोर, सनातन धर्म पर भी बोले राजनाथ सिंह।

जागरण संवाददाता, आगरा। विधान सभा चुनाव से पहले तीन माह में दूसरी जनसभा करने पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को खटीक गर्जना सम्मेलन में जाति की राजनीति पर बिना नाम लिए प्रहार किया। उनका संकेत सपा व पहले उन्होंने आयोजकों को नसीहत दी कि संत और महापुरुषों को एक जाति में न बांटें। वे पूरे सनातन के संत हैं।

रक्षामंत्री ने खटीक समाज के देश के लिए दिए गए योगदान को बताते हुए यह भी कहा कि सनातन और हिंदू धर्म को जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसकी मूल भावना नहीं समझ सकते। हमारे यहां कर्म आधारित व्यवस्था है। एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई व्यक्तियों का एक ही कर्तव्य भी हो सकता है। कर्तव्य अलग हो सकते हैं। मगर, लक्ष्य राष्ट्र की रक्षा करना ही है।

अखिल भारतीय खटीक समाज की ओर से आरबीएस कालेज के राव कृष्णपाल सिंह सभागार में खटीक गर्जना सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तय समय से डेढ़ घंटे देरी से पहुंच सके। इसमें देशभर के एक हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे जो आमंत्रण दिया गया उसमें संत दुर्बलनाथ जी महाराज को खटीक समाज के संत लिखा गया था।

उन्होंने संबोधन शुरू करते ही समाज को शिक्षक की तरह नसीहत दी कि वे पूरे भारत के संत थे। एक समाज में बांटना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि खटीक समाज वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक राष्ट्र की रक्षा करने में आगे रहा है।

खटीक समाज धर्म के लिए समर्पित था, है और रहेगा। खटीक समाज का सही इतिहास इतिहासकारों ने या तो लिखा नहीं या लिखा तो सही योगदान प्रस्तुत नहीं किया। इसका पुर्नलेखन होना चाहिए।

उन्होंने वैदिक काल से आजादी के बाद तक खटीक समाज के योगदान को बताते हुए कहा कि खटीक वह है जो खौफ को भी डरा दे। अब समाज को अपनी मेहनत की परंपरा के साथ शिक्षा और सशक्तीकरण से जोड़ना होगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने, महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने पर फोकस करना होगा।

संस्था के अध्यक्ष और सांसद अनिल फिरोजिया ने भारतीय सेना में खटीक रेजीमेंट के गठन की मांग उठाई। सांसद भोला सिंह, ओमप्रकाश चलनी वाले, संयोजक हेमंत चलनी वाले मौजूद रहे।