आगरा, जेएनएन। ताजनगरी सहित मथुरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी और एटा जिले में गुरुवार को बारिश और ओलावृष्टि के बाद शुक्रवार सुबह कोहरे में हुई। बादल छाए रहे। कड़ाके की ठंड में जनजीवन प्रभावित बना रहा। आगरा और आसपास के जिलों में दोपहर बाद धूप खिली। हालांकि इस धूप से सर्दी में मामूली राहत का आभास हुआ। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि कोहरे से अभी राहत नहीं मिलेगी।18 से 20 जनवरी तक कोहरे का कहर जारी रहेगा। वहीं 21 जनवरी को फिर बारिश हो सकती है।

गुरुवार को हुई झमाझम से इतर शुक्रवार को बारिश सेे राहत रही लेकिन सुबह से छाई धुंध की चादर दोपहर तक नहीं हटी। शाम साढ़े चार बजे हल्‍की धूप ने थोड़ी राहत जरूर दी लेकिन शीत लहर के कारण लोग ठिठुरते रहे। शाम तक अधिकतम तापमान 16.4 और न्‍यूनतम 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 18, 19 और 20 जनवरी तक कोहरा छाया रह सकता है। 21 जनवरी को बादल फिर घिर सकते हैं और बारिश के आसार बन सकते हैं। वहीं सर्दियों की ये बारिश आलू, सरसों, गेंहू की फसल के लिए लाभदायक बताई जा रही है। ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में किसान खेतों में जमा पानी निकालने के इंतजाम में जुटे रहे।

दिनभर आसमान पर छाए रहे काले बादल नागरिक और किसानों को डराते रहे। अब किसान खेतों में भरे पानी को निकालने में जुट गए हैं। आसमान पर काले बादलों की मौजूदगी सुबह से शाम तक डराती रही। इस दौरान सुबह के पहले दो घंटे तक बारिश होने की आशंका बनी रही, लेकिन इसके बाद हल्‍के हल्‍के सूरज निकल आए तो नागरिकों के साथ किसानों के चेहरों पर राहत के भाव दिखे। वहीं, गुरुवार और शुक्रवार बीती रात बूंदाबांदी का क्रम पूरी रात ही बना रहा। रात भर चला बूंदाबांदी का क्रम टिपटिप करता सुनाई दिया। इस दौरान रात को आकाशीय बिजली की चमक भी मौसम के बदले तेवरों को दर्शाती रही। बारिश और बूंदाबांदी का यह क्रम रात करीब दो बजे तक चलता रहा।

हाइवे पर जलभराव- कीचड़

दो दिन और रातभर चली बारिश से शहर और कस्बों में हालत नारकीय हो गए। नेशनल हाइवे पर तमाम स्थानों पर जलभराव और कीचड़ होने से राहगीरों को परेशानी हुई, वहीं तेज वाहनों की वजह से दो पहिया चालक और राहगीरों के कपड़े खराब होते रहे।

खेतों से निकाल रहे पानी

सालों बाद जनवरी माह में हुई जोरदार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। अब किसान सरसों और आलू के खेतों में भरे पानी को निकालने में जुट गए हैं। किसान वीरपाल ने बताया कि आलू को इस बारिश से नुकसान हो सकता है। फिलहाल पानी निकालकर इसे राहत देने का काम कर रहे हैं।  

Posted By: Tanu Gupta

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