आगरा, जागरण संवाददाता। सफाई व्यवस्था और अपनी आय बढ़ाने के लिए नगर निगम ने एक और कदम उठाया है। आगरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत घरों में क्यूआर कोड लगाया जाएगा। क्यूआर कोड प्लास्टिक कार्ड में अंकित है। अभी तक एक हजार घरों में लग चुका है। बाकी में कार्ड लगाने का कार्य एक साल के भीतर पूरा हो जाएगा।

आगरा शहर में साढ़े तीन लाख भवन स्वामी हैं। यह सभी कर के दायरे में आते हैं। वर्तमान में एक लाख भवन स्वामी ही गृहकर जमा कर रहे हैं। वहीं सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए नगर निगम प्रशासन हर कोशिश कर रहा है। जिसके तहत सभी घरों में क्यूआर कोड अंकित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत महादेव नगर, ताजगंज से हो चुकी है। अब तक एक हजार घरों में यह लगाया जा चुका है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के एक अधिकारी ने बताया कि जल्द ही सभी सफाई कर्मचारियों को रेडियो फ्रीवेंसी पहचान पत्र दिया जाएगा। इस डिवाइस के दो फायदे होंगे। पहला कूड़ा उठान की सटीक जानकारी और दूसरा घर बैठे भवन स्वामी क्यूआर कोड की मदद से गृहकर जमा कर सकते हैं।

अगस्त में चालू होगा सेंटर

आगरा स्मार्ट सिटी कार्यालय नगर निगम परिसर में है। कार्यालय के एक हिस्से में सेंट्रल कमांड कंट्रोल बनाया गया है। इसे अगस्त में चालू किया जाएगा। कमांड कंट्रोल में 80 कंप्यूटर और एक बिग स्क्रीन भी लगाई जा रही है।

यूं करेगा काम

सफाई कर्मचारियों का रेडियो फ्रीवेंसी आइडेंटीफिकेशन रीडर सेंट्रल कमांड कंट्रोल से कनेक्ट रहेगा। जैसे ही सफाई कर्मचारी किसी घर में कूड़े का उठान करेगा। रीडर को क्यूआर कोड से टच करना होगा। इससे कंट्रोल रूम को पता चल जाएगा कि कूड़ा उठ चुका है।

माॅनिटरिंग से होगी कार्रवाई

महादेव नगर के एक हजार घरों में क्यूआर कोड लगा चुका है। बाकी घरों में लगाने का काम चल रहा है। इससे कूड़ा उठान और हाउस टैक्स की अदायगी की मॉनीटरिंग हो सकेगी।

अरुण प्रकाश, नगरायुक्त

 

Posted By: Tanu Gupta

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