आगरा, जागरण संवाददाता। हेलमेट लोगों की सुरक्षा के लिए है। इसलिए इसका मानकों के हिसाब से बनना जरूरी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय ने इसके लिए कड़े नियम बनाए हैं। साथ ही मानकों के संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इनका पालन न करने पर जेल तक हो सकती है।

दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने 15 जनवरी 2019 को हेलमेट के नए मानक तय किए थे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को 15 जनवरी 2019 से इन मानकों का पालन हर हाल में करना होगा। यदि कंपनियां मानकों का पालन नहीं करती हैं तो उनको दो साल की जेल या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। साथ ही हेलमेट की बिक्री और इनका भंडारण करने वालों पर भी यह मानक लागू होंगे।

अभी ये हो रहा जुर्माना

गत 15 मार्च को प्रदेश शासन से जारी आदेश के अनुसार बिना नंबर प्लेट लगी गाड़ी चलाने पर पहले जो जुर्माना 300 रुपये का था, वह अब 500 रुपये हो गया है। वाहन स्वामियों को नंबर पोर्टबिलिटी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोटरयान नियमावली-1988 के नियम-51(2) एवं 51क(2) में संशोधन का निर्णय लिया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के वाहन स्वामियों द्वारा विभिन्न श्रेणियों के वाहनों में उनके पुराने वाहन के पंजीयन नंबर को नए वाहन पर आवंटित करने की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

ये हैं नए मानक

- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय के अनुसार, 15 जनवरी के बाद केवल आइएसआइ प्रमाणित हेलमेट्स ही बेचे जाएंगे।

- यह हेलमेट ब्यूरो आफ इंडियन स्टेंडर्ड (बीआइएस) के आइएस 41512015 के मानकों पर खरे होने चाहिए।

- आइएस 41512015 के नए मानकों के अनुसार, नए हेलमेट का अधिकतम वजन 1.2 किलोग्राम होना चाहिए। अब यह सीमा 1.5 किलोग्राम है।

- बिना आइएसआइ मानक बनाने, बेचने और भंडारण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

- इंडस्टियल हेलमेट पहनने वालों पर की जाएगी कार्रवाई। 

Posted By: Tanu Gupta

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