आगरा, जागरण संवाददाता। अब रसोई का तड़का भी महंगा हो गया है। सरसों तेल के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे सब्जी में लगने वाले तड़के के स्वाद को फीका कर दिया है। सरसों के तेल कीमतों में हुई वृद्धि ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ दिनों में सरसों के तेल में सात रुपये प्रत‍ि लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। कारोबार‍ियो का मानना है क‍ि सरसो की नई फसल 20 जनवरी को बाजार में आने की उम्‍मीद थी पर बार‍िश के कारण यह फसल करीब एक महीना व‍िलंब से आने की संभावना है। ऐसे मे जब तक नई फसल नही आती, तब तक सरसों तेल के दाम मेे तेजी बनी रहेगी।

आगरा आयल मिल के प्रबंध न‍िदेशक कुमार कष्‍ण गोपाल, कारोबारी ब्रजमोहन अग्रवाल व द‍िनेश गोयल ने बताया क‍ि उद्योग निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) के आह़वान पर प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने खाद्य तेल की कीमतों में व‍िगत महीने 10-15 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की लेक‍िन सरसों की नई फसल की आवक व‍िलंब होने से मंडी में 7500 रुपये प्रत‍ि क्‍व‍िंंटल म‍िलने वाली सरसों के दाम बढकर 8400 रुपये प्रत‍ि क्‍व‍िंंटल हो गए, ज‍िसका असर उत्‍पाद के दाम पर पडा। उन्‍होंने बताया के 20 जनवरी तक लखीमपुर खीरी क्षेत्र की सरसों मंडी में आ जाती है पर इस बार इसकी आवक 10 फरवरी के बाद होने की उम्‍मीद है। ऐसे मेें सरसोे के दाम बढेे हैॅ।

600 टन होता है रोज उत्‍पादन

आगरा में प्र‍त‍िद‍िन 600 टन सरसों तेल का उत्‍पादन होता है। आगरा में 66 हजार हेक्टेयर में सरसों का उत्पादन होता है पर मांग अधिक होने के कारण यहां की प्रमुख खेरागढ़ में कागारौल रोड स्थित मंडी व किरावली मंडी में हरियाणा व राजस्थान से बड़ी मात्रा में सरसों की आवक होती है। प्रत‍िद‍िन करीब 500 टन सरसों का तेल उत्पादन करने वाली आगरा आयल मिल, बीपी आयल मिल, शारदा आयल मिल व महेश आयल मिल सीधे हरियाणा व राजस्थान मंडी से सरसों क्रय करते हैं। जनपद में छह ओर आयल मिल के अलावा 200 से अधिक स्प्रेलर है, जिनके द्वारा रोज करीब 100 टन तेल का उत्पादन किया जाता है। खेरागढ़ मे कागारौल स्थित मंडी व किरावली मंडी में रोज करीब दो हजार क्विंटल सरसों की आवक होती है लेक‍िन अब आवक कम हो रही है। गुरुवार को मात्र दो क्‍व‍िंंटल सरसों की आवक हुई, जबक‍ि भाव 8400 रुपये प्रत‍ि क्‍व‍िंंटल रहा। कमोवेश यही हालत क‍िरावली मंडी की है। 

Edited By: Prateek Gupta