आगरा, जेएनएन। ब्रज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम रहती है, लेकिन गोकुल में नंदोत्सव का धमाल होता है। गोकुल में 25 अगस्त को आयोजित होने वाले नंदोत्सव में करीब छह क्विंटल लाला की छीछी (दही और हल्दी का मिश्रण) का प्रसाद लुटाया जाएगा। यह प्रसाद जिस श्रद्धालु के शरीर पर पड़ जाता है, वह अपने को धन्य समझता है। गोकुल के घर-घर से भी लोग यह प्रसाद लेकर निकलते हैं। गोकुल में नंदोत्सव से पहले श्रीकृष्ण महोत्सव और लाला की छठी पूजन भी हर्ष और उल्लास के साथ किया जाता है। 

भगवान श्रीकृष्ण जन्म लेने के बाद गोकुल पहुंच गए थे, इसलिए अगले दिन गोकुल में नंदोत्सव मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की गोकुल में तीन दिन धूम रहती है। 23 अगस्त शाम सात बजे नंदभवन नंदकिला मंदिर में छठी पूजन किया जाएगा। 24 अगस्त को जन्मोत्सव मनाया जाएगा। रात 12 बजे अभिषेक के बाद 25 अगस्त को गोकुल की आभा में अलग ही चमक होगी। नंदोत्सव में भाग लेने के लिए देश-दुनिया के श्रद्धालु गोकुल पहुंचेंगे। नंदभवन से सुबह दस बजे कृष्ण-बलराम के स्वरूपों की शोभायात्रा निकलेगी। शोभायात्रा में करीब छह क्विंटल दही का प्रसाद श्रद्धालुओं पर लुटाया जाएगा। मंदिर और गोकुल के लोग यह प्रसाद लुटाते हैं। शोभायात्रा नंद चौक पर पहुंचने के बाद तो हर कोई श्रद्धा में गोते लगाता है। नंदबाबा लाला के जन्म की खुशी में प्रसाद के रुप में मेवे, बिस्किट, कपड़े, फल आदि लुटाते हैं। इस प्रसाद को लूटने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच जाती है। जो भी यह प्रसाद लूट लेता है, वह धन्य समझता है। नंदभवन के पुजारी मथुरादास के अनुसार गोकुल में 23 अगस्त को लाला की छठी पूजी जाएगी। 24 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रहेगी। 25 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा। नंदोत्सव में करीब छह क्विंटल दही का प्रसाद लुटाया जाएगा।

इन लीलाओं के मंदिर में होते हैं दर्शन

-गोकुल आगमन

-ऊखल बंधन

-पूतना मोक्ष

इसलिए एक दिन पहले पूजी जाती है छठी

यशोदा मैया राक्षसों के डर से लाला की छठी पूजना भूल गई थीं। जब पहला जन्मदिन आया तो सोवर लगी हुई थी। तब लोगों ने कहा कि अभी तो सोवर लगी है, कोई भी जन्मदिन में नहीं आएगा। इसलिए जन्मोत्सव से एक दिन पहले मैया ने लाला की छठी पूजी थी।

जन्माष्टमी पर सोने की वंशी बजाएंगे प्रियाकांतजू

छटीकरा स्थित प्रियाकांतजू मंदिर पर 17 अगस्त से श्रीमदभागवत कथा के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शुरू होगा। यह 24 अगस्त तक चलेगा। इस दिन जन्माष्टमी उल्लासपूर्वक मनाई जाएगी। महोत्सव में भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुर हजारों भक्तों को भागवत का रसपान करवाएंगे। मंदिर में ठा. प्रियाकांतजू चांदी के छत्र में सोने का मुकुट और वंशी धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। 

मंदिर प्रवक्ता जगदीश वर्मा ने बताया 15 अगस्त की रात्रि मंदिर प्रांगण में पूर्णिमा उत्सव के साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की शुरूआत होगी। 17 से 23 अगस्त तक सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक देवकीनंदन महाराज के सानिध्य में 108 श्रीमदभागवत कथा, इसके बाद 24 अगस्त को रात्रि 8.30 से मध्यरात्रि श्रीकृष्ण जन्म तक हजारों भक्तों साथ भगवान की मीठी मनुहार में भजन संकीर्तन होगा।  

Posted By: Tanu Gupta