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देशभर में दो साल में सड़कों के गड्ढों ले चुके 4546 लोगों की जान, आगरा से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

By Nirlosh Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 19 Oct 2026 06:06 PM (IST)

देश में पिछले दो वर्षों में सड़कों के गड्ढों के कारण 4546 लोगों की मौत हुई है। आगरा के अधिवक्ता ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

जागरण संवाददाता, आगरा। देश में दो वर्षों में सड़क के गड्ढों ने 4546 लोगों की जान ले ली। सुप्रीम कोर्ट में गड्ढों से मौत पर मुआवआ दिलाने, सड़क बनाने और संभालने वाले विभागों की जिम्मेदारी तय करने को अधिवक्ता केसी जैन ने याचिका दायर की है।

जांच में दुर्घटना की वजह गड्ढा, खुला मैनहाेल या नाली या सड़क की गंभीर खराबी पाए जाने पर जिम्मेदार विभाग या संस्था द्वारा दुर्घटना से छह माह के भीतर मुआवजा देने की व्यवस्था की मांग की गई है। मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की बेंच ने 16 अक्टूबर को अधिवक्ता केसी जैन की याचिका पर सुनवाई की। अधिवक्ता जैन ने स्वयं पैरवी करते हुए कहा कि वर्ष 2023 व 2024 में 11 हजार 272 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 4546 लोगों की मौत हुई और 9952 घायल हुए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2018 से 2022 तक देशभर में गड्ढों के कारण 8963 मौतें दर्ज की गई थीं।

प्रदेश में वर्षा के बाद विभिन्न विभागों की 65 हजार किमी लंबी सड़कें खराब पाई गई हैं। वर्षा के बाद हर वर्ष गड्ढे ठीक करने पर 250 से 300 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। देश में सड़कों की मरम्मत पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9488 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। वर्षा के बाद बार-बार टूटने वाली सड़कों की वजह दूर करने से लोगों की जान और सार्वजनिक धन को बचाया जा सकता है।

अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि सुरक्षित सड़क और समय पर मरम्मत हर नागरिक की जरूरत है। सड़क निर्माण से पूर्व जल निकासी का इंतजाम सुनिश्चित किया जाए। सड़क कितने वर्ष चलेगी यह बताया जाए। जनता को हर काम का हिसाब आसानी से मिले।

जहां लापरवाही साबित हो, वहां जिम्मेदारी तय हो और पीड़ित परिवार को मुआवजे के लिए भटकना नहीं पड़े। जनता के पैसे से बनने वाली सड़क पर उसकी सुरक्षा और उसके पैसे की पूरी जवाबदेही होनी चाहिए।