आगरा, जेएनएन। जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के घर राजनेताओं का पहुंचना जारी है। पुलवामा में शहीद कौशल कुमार रावत के परिजनों को सांत्वना देने सोमवार को रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कहरई पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्‍होंने कहा कि शहीदों के परिवारों को सहायता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखनाथ मठ से नहीं देंगे, ये देश की जनता का पैसा है। जनता चाहती है कि शहीदों के परिवारों को अधिक से अधिक सहायता मिले। सरकार एक परिजन को सरकारी नौकरी के साथ ही बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाए। पुलवामा के शहीदों में से सिर्फ आठ जवानों को ही पुरानी पेंशन पाने का हक है। इसलिए केंद्र सरकार से भी मांग की जा रही है कि अगर सैनिकों के लिए सम्मान है तो वन रेंक- वन पेंशन की मांग को मान लेना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पैरामिलट्री फोर्स के जवानों को भी कागजों में शहीद का दर्जा दिया जाए।  

इधर मैनपुरी के बरनाहल के गांव विनायकपुर स्थित शहीद रामवकील के निवास पर कांग्रेस के पूर्व नेता विधायक दल प्रदीप माथुर पहुंचे। यहां उन्‍हाेंने शहीद की तस्‍वीर के समक्ष पुष्‍प अर्पित किये। परिजनों को ढांढस बंधाया। प्रदीप माथुर ने शहीद के परिजनों से कांग्रेस के पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश प्रभारी ज्योतिराज सिंधिया की फोन पर बात करायी। प्रदीप माथुर ने शहीद की पत्नी गीता देवी से बात की। उन्होंने कहा कि हमे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भेजा है। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस आप के साथ खड़ी है। उन्होंने मोदी सरकार से मांग की कि शहीद के परिजनों को एक करोड़ रुपये, पत्नी के नाम पेट्रोल पंप, बच्चों को निश्‍शुल्‍क शिक्षा, पत्नी को सरकारी नौकरी दे और जो भी परिजनों पर कर्ज हो उसे माफ किया जाए। 

Posted By: Prateek Gupta

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