आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा के मलपुरा इलाके में बरात आने से पहले मंडप में पुलिस पहुंच गई। मामला ही कुछ ऐसा था कि बरात लेकर घर से निकलने को तैयार बैठे दूल्हे के अरमानों पर पानी फिर गया। क्योंकि लड़की वालों ने पुलिस के पहुंचने के बाद उसकी शादी रोक दी। सिर्फ यही नहीं पुलिस वालों को लिखकर दिया कि वह दो साल तक लड़की की शादी नहीं करेंगे। लड़की के नाबालिग होने के चलते पुलिस ने उसके स्वजन को कानून का पाठ पढ़ाया था।

मामला मलपुरा के एक गांव का है। रविवार की रात को चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर पर किसी लड़की ने फोन किया। उसने बताया कि उसकी नाबालिग सहेली ने पिछले साल ही बारहवीं की पास की थी। स्वजन उसकी शादी कर रहे हैं। इसके बाद चाइल्ड लाइन और मानव तस्करी निरोधक थाने की टीम गांव पहुंच गई। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। पुलिस को देख शादी वाले घर में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने लड़की के स्वजन से उसकी आयु से संबंधित दस्तावेज मांगे। आधार कार्ड आदि चेक करने पर लड़की नाबालिग निकली।

चाइल्ड लाइन समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि लड़की से बातचीत करने पर पता चला कि स्वजन जबरन उसकी शादी करा रहे थे। जबकि वह आगे पढ़ना चाहती है। वहीं स्वजन का कहना था कि वह आर्थिक तंगी के चलते बेटी की शादी कर रहे हैं। कोरोना के संक्रमण के चलते कार्यक्रम में ज्यादा लोगों को नहीं बुलाया गया था। पुलिस और चाइल्ड लाइन की कांउसिलिंग के लिए के बाद स्वजन बालिग होने के बाद उसकी शादी करने को राजी हो गए।

मानव तस्करी निरोधक थाने की प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि स्वजन को बाल विवाह कानून के बारे में बताया गया। उन्हें बताया कि यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बाद स्वजन ने लिखकर दिया कि वह लड़की के 18 साल की होने के बाद ही उसकी शादी करेंगे। बाल विवाह रुकवाने वाली टीम में सिपाही दीपक, गौरी, विनीता जबकि चाइल्ड लाइन से असलम खान व अनिल शामिल थे।

 

Edited By: Prateek Gupta