आगरा, जागरण संवाददाता। ताजगंज की तोरा पुलिस चौकी फूंकने के मामले में 60 आरोपितों को पुलिस चिह्नित कर चुकी है। मगर, 16 आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद आगे पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 15 दिन से पुलिस दिखावे को दबिश दे रही है। मगर, एक भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।

ताजगंज के करभना निवासी पवन यादव की 31 जनवरी को ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों से मारपीट कर तोरा पुलिस चौकी फूंक दी थी। चौकी के सामने खड़े वाहनों में भी आग लगा दी गई। इस मामले में पुलिस ने दो सौ से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। 11 आरोपितों को पुलिस ने रात में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। इन्हें दूसरे दिन ही जेल भेज दिया गया। इसके बाद अलग-अलग दिन में पांच और आरोपित गिरफ्तार कर जेल भेजे गए। पुलिस ने दावा किया था कि बवाल में 60 लोग वीडियो फुटेज के आधार पर चिह्नित किए जा चुके हैं। पुलिस चौकी में आग लगाने वाले भी वीडियो के आधार पर चिह्नित कर लिए। मगर, इनकी भी गिरफ्तारी नहीं की। पंद्रह दिन से पुलिस दिखाने के लिए लगातार गांवों में दबिश दे रही है। मगर, एक भी आरोपित गिरफ्तार नहीं हुआ। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चर्चाएं हैं कि देहात के एक सफेदपोश चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। वे गिरफ्तारी न होने को लेकर पार्टी में अपने नंबर बढ़ा रहे हैं। इंस्पेक्टर ताजगंज उमेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी अपने घरों से फरार हैं। इसलिए गिरफ्तारी में करने में समय लग रहा है।

नहीं लगी अभी तक एनएसए

तोरा चौकी फूंकने के मामले में पुलिस ने आरोपितों पर एनएसए की कार्रवाई करने के लिए भी कहा था। इसके साथ ही इनकी संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई का भी एलान किया था। मगर, अभी तक एनएसए की कार्रवाई भी नहीं की गई। 

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप