आगरा, जेएनएन। धर्मनगरी में बांग्लादेशियों के पकड़े जाने का सिलसिला थम नहीं रहा। वृंदावन में भेष बदलकर रह रहे दो बांग्लादेशी युवकों को पुलिस ने दबोच लिया। इनमें एक आठ साल और दूसरा उसके एक साल बाद यहां आया था। दोनों ने दिल्ली में फर्जी कागजात पर आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिया था।

एसएसपी शलभ माथुर को पांच दिन पहले शिकायत मिली थी कि वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित इमलीतला के सेवाकुंज मंदिर में दो बांग्लादेशी रह रहे हैं। शिकायत पर खुफिया विभाग ने पड़ताल की, तो पता चला कि सात साल से दो युवक रह रहे हैं। पहले कई दिन तक खुफिया पुलिस ने गोपनीय जानकारी की। गुरुवार शाम दोनों युवकों को दबोच लिया। युवकों ने अपने नाम चैतन्य देव उर्फ देव राय तथा मनरंजन राय उर्फ माधव दास बताए हैं।

करीब आठ साल पहले दिल्ली से चैतन्य देव राय वृंदावन आ गया और उसके एक साल बाद मनरंजन राय भी वृंदावन में ही आकर मंदिर में रहने लगा। वृंदावन में ही रहते हुए दोनों मई 2015 में परिवार से मिलने बांग्लादेश गए और करीब एक माह रुकने के बाद वापस वृंदावन आ गए।

खुफिया विभाग को उन्होंने पूछताछ में बताया कि दिल्ली के मंदिर के एक गुरुजी बांग्लादेश गए थे, वहां वह संपर्क में आए। गुरुजी के कहने पर वह लोग जलपाईगुड़ी के मंदिर और दिल्ली होते हुए वृंदावन आ गए। गुरुवार और शुक्रवार को दिन भर खुफिया विभाग के साथ ही इंटेलीजेंसी ब्यूरो और विशेष प्रकोष्ठ ने पूछताछ की।

20 साल अवैध रूप से पार की थी सीमा

उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 15-16 साल की उम्र में करीब 20 साल पहले अवैध रूप से सीमा पार कर जलपाईगुड़ी में आ गए थे। यहां वह मंदिरों में रहते थे। पांच -छह साल जलपाईगुड़ी रहने के बाद वह दिल्ली आ गए। यहां वृंदावन के ही इमलीतला के मंदिर की ब्रांच करोलबाग में हरेकृष्ण मंदिर व मालकागंज टेंपल है। इन मंदिरों में रहकर भजन कीर्तन करते थे। फर्जी कागजात के जरिए ही इन्होंने उत्तरी दिल्ली में आइपी गोरिया टेंपल मलकागंज क्षेत्र से आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिए।

जांच आख्या इंटेलीजेंस ब्यूरो लखनऊ भेजी जाएगी, वहां से भी व्यापक पड़ताल होगी। दोनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

-शलभ माथुर, एसएसपी  

Posted By: Tanu Gupta

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