आगरा, अली अब्बास। मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ अदालत की अदालत में मुकदमा चल रहा है। यह मुकदमा 22 वर्ष पूर्व सेंट्रल जेल पर पड़़े छापे से संबंधित है। जिसमें अब तक तत्कालीन डीएम आरके तिवारी अौर वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार केदारनाथ सिंह, मुकदमे के वादी थानाध्यक्ष जगदीशपुरा शिवशंकर शुक्ला समेत आठ लोगों की गवाही हो चुकी है। मुकदमे में 27 सितंबर काे तत्कालीन वरिष्ठ सहायक जेल कमलेश कुमार उपाध्याय की गवाही हुई है। सितंबर के महीने में तीन प्रमुख गवाही हो चुकी हैं। इस मुकदमे में अभियाेजन द्वारा 25 गवाह बनाए गए हैं। मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तिथि नियत की गई है।

मुकदमे में ये हैं 25 गवाह

-तत्कालीन थानाध्यक्ष जगदीशपुरा एवं मुकदमे के वादी शिवशंकर शुक्ला

-उप निरीक्षक रूपेंद्र कुमार गौड़ थाना जगदीशपुरा

-तत्कालीन डीएम आरके तिवारी

-तत्कालीन एसएसपी सुबेश कुमार सिंह

-तत्कालीन एसपी सिटी डीसी मिश्रा

-तत्कालीन एडीएम सिटी एके सिंह

-तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके सक्सेना

-तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट पी.एन दुबे

-तत्कालीन वरिष्ठ अधीक्षक केेंद्रीय कारागार केदारनाथ सिंह

-तत्कालीन जेलर केंद्रीय कारागार कुलदीप शर्मा

-तत्कालीन डिप्टी जेलर केंद्रीय कारागार कैलाश चंद्र

-कमलेश कुमार उपाध्याय तत्कालीन वरिष्ठ सहायक जेल

-डा. जगवीर सिंह

-महादेव प्रसाद

-हरि सिंह

-बच्चू सिंह

-रामवीर

-जितेंद्र

-राजकुमार

-सोनिया अरोड़ा

-धर्मेंद्र चतुर्वेदी

-प्रेम सेठ

-हैड मोहरिर्र भूदेव शमा

-अरविंद कुमार गौतम

ये है पूरा मामला

घटना 18 मार्च 1999 की है। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी केंद्रीय कारागार आगरा में बंद था। तत्कालीन डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ केंद्रीय कारागार पर छापा मारा था। अंसारी की बैरक से बुलेटप्रूफ जैकेट, मोबाइल व सिम आदि मिला। जिस पर उसके खिलाफ जगदीशपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला वादी बने थे।

Edited By: Prateek Gupta

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