आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा किला की पार्किंग के विकास के लिए नेशनल मान्यूमेंट्स अथारिटी (एनएमए) से अनुमति मांगी गई है। पार्किंग कच्ची होने से धूल उड़ती रहती है, जिससे हवा तो जहरीली होती ही है, शहर की छवि भी खराब होती है। पार्किंग में टाइल्स लगाने का काम किया जाना है।

आगरा किला विश्वदाय स्मारक है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। स्मारक की पार्किंग किले के अमर सिंह गेट के सामने रक्षा संपदा की जमीन पर है। यह पार्किंग कच्ची है, जिससे उसमें वाहनों के अाने-जाने पर धूल उड़ती रहती है। इससे पर्यटक परेशान होते हैं। ताजमहल से यह करीब दो किमी दूर ही है। शहर में वायु प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से अति सूक्ष्म कण (पीएम2.5) और धूल कण (पीएम10) जिम्मेदार हैं। धूल कणों को को उड़ने से रोकने के लिए कराए गए अध्ययनों में विशेषज्ञों ने खाली जमीन पर इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने या घास लगाने के सुझाव दिए हैं। आगरा किला की पार्किंग में भी टाइल्स लगाए जाने हैं। पार्किंग किले की खाई की दीवार से मात्र 68 मीटर दूर है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के एक्ट के अनुसार स्मारक की 100 मीटर की परिधि में कोई काम नहीं किया जा सकता है, जबकि 100 मीटर के दायरे के बाहर 200 मीटर के दायरे तक काम के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति आवश्यक है।

ताज ट्रेपेजियम जोन अथारिटी की पिछली बैठक में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा आगरा किला की पार्किंग में टाइल्स लगाने के लिए एनएमए से अनुमति मांगने की जानकारी दी गई थी। एनएमए की अनुमति मिलने के बाद ही यहां टाइल्स लगाने का काम किया जा सकेगा। कमिश्नर ने एनएमए की अनुमति मिलने के बाद ही यहां काम करने के निर्देश एडीए को दिए हैं।

 

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