आगरा, जेएनएन। शनिवार को कासगंज के गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बु्द्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान पुण्यकारी माना जाता है। इसके चलते दूर- दूर से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए सोरों एवं अन्य गंगा घाटों पर पहुंचे। लहरा एवं कछला घाट पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इस दौरान घाटों पर पुलिस प्रशासन के भी इंतजाम रहे। गंगा स्‍नान का पुण्‍य लोगों ने शुक्रवार शाम से ही लेना शुरु कर दिया था। चंद्रता की दूधिया रोशनी में देर शाम तक घाटों पर भीड़ रही। कासगंज एवं एटा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। 

आज देश भर में बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है। वैशाख मास की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। वैशाख मास में पड़ने वाली पूर्णिमा का अलग ही महत्व माना जाता है। सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने आज कासगंज में गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।

ज्‍योतिषाचार्य डॉ शोनू मेहरोत्रा 

क्‍यों है बुद्ध पूर्णिमा खास   

ज्‍योतिषाचार्य डॉ शोनू मेहरोत्रा के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्ध की जयंती के रूप में मनाया जाता है। आज के ही दिन भगवान बुद्ध का जन्म और बोद्ध ज्ञान हुआ था। इसलिए बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए भी बुद्ध पूर्णिमा का दिन विशेष होता है। बुद्ध पूर्णिमा को वैशाखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि भगवान बुद्ध विष्णु के नौवें अवतार थे। कई सालों तक बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे तपस्या कर जब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई तो यह दिन पूरी सृष्टि के लिए खास दिन बन गया, जिसे वैशाख पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन गंगा का स्नान करना चाहिए। इस दिन गरीबों को खाना खिलाना चाहिए और कपड़े बांटने चाहिए। इस दिन बौद्ध धर्म के लोग घर और मंदिरों में भगवान बुद्ध की मूर्ति के अगरबत्ति और मोमबत्तियां जलाकर भगवान बुद्ध से प्रार्थना करते हैं। हालांकि कई जगह यह भी कहा गया है कि भगवान विष्णु भी इस दिन कूर्म अवतार में पैदा हुए थे। इसलिए भी इस दिन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन नदी पर स्नान करना और दान पुण्य करना बहुत ही फलदायी होता है। सत्यनारायण की कथा करना भी इस दिन बहुत शुभकारी होता है। साथ ही भगवान शिव की पूजा भी करनी चाहिए।

गंगा स्‍नान का महत्‍व

डॉ शोनू बताती हैं कि शास्त्रों के मुताबिक वैशाख पूर्णिमा के दिन गंगा में डुबकी लगाने का अधिक महत्व होता है। कहा जाता है इस दिन गंगा के स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिन्दुओं में इस अवसर पर गंगा स्नान करने का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि गंगा स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे तो वर्ष भर में कई पूर्णिमा आती हैं और हर पूर्णिमा का फल भी अलग अलग होता है। हर सनातनी हर पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने का प्रयास करता है। मगर जो कोई बुद्धपूर्णिमा पर स्नान कर लेता है उसे सभी पूर्णिमा के स्नान का पुण्य लाभ मिल जाता है। 

दान का मिलता है गोदान के बराबर फल

माना जाता है कि इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाते है। क्योंकि इस त्यौहार को बहुत ही पवित्र और फलदायी माना गया है। डॉ शोनू के अनुसार इस दिन कुछ मीठा दान करने से गौदान को दान करने के बराबर फल मिलता है। इसके अलावा अगर आपसे अनजाने में कोई पाप हो गया है तो इस दिन चीनी और तिल का दान देने से इस पाप से छुटकारा मिल जाता है।

ऐसे करें भगवान बुद्ध की आराधना 

इस दिन पूजा करने के लिए सबसे पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी से भरा पात्र रखें। इसके साथ ही तिल और चीनी भी रखें। फिर तिल के तेल से दीपक जलाएं और भगवान की पूजा करें। इस दिन बोधिवृक्ष की पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं को कलरफूल पताकाएं और हार से सजाया जाता है। साथ ही जड़ो में दूध और सुगंधित जल डाला जाता है। साथ ही दीपक जलाएं जाते हैं।

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Posted By: Tanu Gupta

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