आगरा, जागरण संवाददाता। एड्स से ज्यादा खतरनाक हैं डॉ प्रियंका के गुनहगार, ये दरिंदे हैं। समाज में खुले घूम रहे हैं। एचआईवी वायरस से फैलने वाली बीमारी है, लेकिन डॉ प्रियंका पर जघन्य अपराध करने वालों को घिनौनी मानसिक बीमारी है। यह कहना है रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डॉ नरेंद्र मल्होत्रा का। रविवार को वे हॉस्पिटल में विश्व एड्स दिवस पर अस्पताल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने जो कहा उससे सबकी आंखें नम हो गईं। कहा कि सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। मैंने इसकी शुरुआत वर्ष 2008 में ही कर दी थी जब मैं फोग्‍सी का अध्यक्ष था।

 

अब 10 साल बाद जब मैं देखता हूंं तो बेटियां पढ़ तो रही हैं लेकिन बच नही रही हैं। हम उस देश मे रह रहे हैं जहां मर्दों की लड़ाई मैं गालियां औरतों को दी जा रही हैं। ये कहां का न्याय है। उन महिलाओं का कसूर क्या है जो आपकी मां, बहन और बेटियां हैं। डॉ नरेंद्र ने कहा कि आप सोच भी नही सकते कि जो मेरे दिल पर बीत रही है। एक ओर मैंने हाल ही में वर्ष 2008 के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को वर्ष 2019 में बेटा समझाओ-बेटी पढ़ाओ में बदला है और तभी एक ऐसी दर्दनाक घटना होती है जो हमें अंदर तक हिला कर रख दिया है। मैं अवाक हूं- हैरान हूं।

डॉ निहारिका ने कहा कि डॉ प्रियंका जानवरों की डॉक्टर थीं लेकिन वे पहचान नही पाईं की इंसान के वेश में भी जानवर बैठे हैं। जिनके अंदर एक हैवान बैठा है। इस दौरान हॉल में बैठे सभी की आंखे नम हो गईं। डॉ राजीव लोचन शर्मा ने एड्स के मरीजों को दुत्कारने की जगह उनका हौसला बढ़ाने की बात कही। 

Posted By: Tanu Gupta

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