आगरा, जागरण संवाददाता। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने किनारे पर रहने वालों को डराना शुरू कर दिया है। सोमवार को यमुना का जलस्तर 491.4 फीट था, जो बुधवार को बढ़कर 492 फीट हो गया है। इससे किनारे के आस-पास झुग्गियों में रहने वाले पलायन की योजना बना रहे हैं, तो पक्के मकान वालों ने भय व्याप्त है। तलहटी के कुछ खेतों में पानी घुसा गया है। अलर्ट जारी कर दिया गया है, लेकिन फिलहाल यमुना से खतरा नहीं है। वहीं यमुना का लो फ्लड लेबल 495 फीट और फ्लड लेबल 508 फीट है।

यमुना धीरे-धीरे उफान की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर किनारे के निकट स्थित खेतों में पानी घुस गया है। वहीं शहरी क्षेत्र में भी लोगों को बाढ़ की आशंका सता रही है। बल्केश्वर क्षेत्र में यमुना किनारे रहने वाले विकास का कहना है कि आठ से नौ महीने यमुना सूखी रहती है। बारिश के दिनों में जलस्तर में इजाफा होता है। पानी ने किनारे से टकराना शुरू कर दिया है, जिस कारण भय रहता है। रात को सोने से पहले और सुबह जागते ही रोज जलस्तर देखते हैं। दयालबाग क्षेत्र में किनारे पर झुग्गियों में रहने वाले अमृतलाल का कहना था कि बारिश के दिनों में यमुना डराती है, लेकिन अभी उफान आने की स्थिति नहीं लगती है। अगर जलस्तर बढ़ा तो सामान लेकर रिश्तेदारी में जाना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के एक्सईएन शरद सौरव गिरी ने बताया कि गोकुल बैराज से 49 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से जलस्तर में इजाफा हुआ है। यमुना के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। टीम को क्षेत्र में लगाया गया है। किनारे पर रहने वालों को भी जागरूक किया जा रहा है। फिलहाल खतरे की स्थिति नहीं है। 

Edited By: Tanu Gupta