आगरा, जागरण संवाददाता। सूर सरोवर पक्षी विहार का आंगन फिर से विदेशी मेहमान पेलिकन को भाने लगा है। कुछ सालों के ब्रेक के बाद पेलिकन ने फिर झील में प्रवास शुरू किया है। अब तक एक हजार से अधिक पेलिकन कीठम पहुंच चुके हैं। साइबेरिया और पूर्वी यूरोप से आने वाले पेलिकन पक्षी काफी समय से कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार आते रहे हैं। लेकिन बीते कुछ सालों से वे यहां से रूठ गए। करीब पांच साल तक सर्दी के मौसम में वे सूर सरोवर ही नहीं आए। लेकिन दो साल से फिर से उन्होंने यहां डेरा डाल दिया है। लगातार दूसरे साल भी वे यहां पहुंचे। करीब एक हजार पेलिकन पक्षी पहुंच गए हैं। हर साल आने वाली बार हेडेड गूज भी यहां पहुंच गई है। मंगोलिया, तिब्बत, कजाकिस्तान से बार हेडेड गूज पहुंच गई है। तिब्बत से उसे यहां आने पर करीब दो दिन का सफर करना पड़ता है। बार हेडेड गूज दुनिया में सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी है। इनसे भी गुलजार पक्षी विहार सूर सरोवर पक्षी विहार में आइसलैंड, यूरोप से ग्रे लेग गूज, दक्षिण पूर्व यूरोप, दक्षिण स्पेन से रूडी शेल्डक, यूरोप व उत्तरी अमेरिका से पिनटेल पहुंच गई हैं। उत्तरी अमेरिका से शॉवेलर, दक्षिण एशिया से रेड क्रिस्टेड पोचार्ड के साथ ही पक्षियों की करीब 35 प्रजातियां पक्षी विहार में पहुंच गई हैं। अब तक विभिन्न प्रजातियों के करीब 15 हजार पक्षी पहुंचे हैं। मार्च तक रहेगा बसेरा उप वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ चंबल सेंचुरी आनंद कुमार ने बताया कि मार्च तक पक्षी यहां रुकते हैं। मार्च में वह अपने इलाकों में ंलौट जाते हैं।

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