आगरा, जागरण संवाददाता। एसएन में स्ट्रेचर न मिलने पर दर्द से कराहते मरीजों को तीमारदार पीठ पर लेकर जा ओपीडी पहुंच रहे हैं। वार्ड ब्वॉय न मिलने पर तीमारदारों को ही ऑक्सीजन सिलिंडर खींचना पड़ रहा है। दैनिक जागरण की पड़ताल में एसएन में मरीज इलाज के लिए दर्द से कराहते मिले। दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ीं, मरीजों को जांच के लिए निजी लैब भेजा जा रहा है।

सुबह नौ बजे एसएन की ओपीडी में मरीज इंतजार कर रहे थे, पर्चे पर दवाएं लिख कर दे दीं। ये दवाएं एसएन में नहीं मिली, मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदने के लिए कह दिया गया। वहीं, फीरोजाबाद निवासी प्रशांत स्ट्रेचर न मिलने पर अपने मरीज को पीठ पर लेकर इधर-उधर चक्कर लगाते रहे। कूल्हे में संक्रमण होने पर कई घंटे तक इलाज नहीं मिला। इमरजेंसी में बच्चे को लेकर पहुंचे तीमारदारों को ही ऑक्सीजन सिलिंडर खींच कर ले जाना पड़ा।

बाजार से खरीदनी पड़ रही महंगी दवाएं

एसएन में 60 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं, यहां 320 तरह की दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। ऐसे में मरीज को एसएन से एक से दो तरह की दवाएं ही मिल रही हैं, ये दवाएं भी तीन दिन के लिए दी जा रही हैं। ऐसे में मरीजों को महंगी एंटीबायोटिक सहित अन्य दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं।

मच्‍छर का प्रकोप, डेंगू के सात नए मरीज

डेंगू का संक्रमण फैलाने वाले एडीज एजिप्टी (मच्छर) का प्रकोप है। शुक्रवार को सात नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। तेज बुखार और शरीर में दर्द होने पर डेंगू के मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। पिछले 15 दिनों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है, इसमें भी घर के अंदर एडीज एजिप्टी मच्छर का प्रकोप ज्यादा है। इससे डेंगू का संक्रमण फैल रहा है।

एसएन की माइक्रोबायोलॉजी लैब में लंगड़े की चौकी निवासी आठ साल के बालक, दयालबाग निवासी पांच साल के बालक, अजरुन नगर निवासी 11 साल की बालिका, नगला पदी निवासी दो साल के बालक में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं, नगला अजीता निवासी 26 साल के युवक, मधु नगर निवासी 47 साल की महिला और रुनकता निवासी 30 साल के युवक में डेंगू पॉजिटिव आया है।

एसएन, जिला अस्पताल और निजी क्लीनिक की ओपीडी में तेज बुखार और शरीर में दर्द के मरीज भर्ती हो रहे हैं। इन मरीजों की डेंगू की जांच कराई जा रही है। प्लेटलेट काउंट 20 हजार से नीचे पहुंचने पर जंबो पैक चढ़ाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि एसएन और जिला अस्पताल में डेंगू की जांच और इलाज की निश्शुल्क व्यवस्था की गई है।

51 मरीजों में हो चुकी है पुष्टि

इस साल 51 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं, 300 संदिग्ध मरीजों की जांच की जा चुकी है।

मलेरिया के 10 नए मरीज

मलेरिया के केस भी बढ़ रहे हैं, शुक्रवार को 10 नए मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इस साल 67 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है।

बर्न यूनिट में होंगे तीन प्‍लास्टिक सर्जन

एसएन मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट में तीन प्लास्टिक सर्जन नियुक्ति किए जाएंगे। यहां यूनिट के लिए एक साल में दो मंजिला बिल्डिंग बनकर तैयार होनी है। पुरानी मेडिसिन बिल्डिंग की जमीन पर यूनिट बनाई जाएगी।

एसएन के सर्जरी विभाग में बर्न यूनिट संचालित है, इसमें आठ बेड हैं। मगर, प्लास्टिक सर्जन नहीं हैं। यहां से जले हुए मरीजों को दिल्ली रेफर किया जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार और रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत एसएन में चार करोड़ 27 लाख के बजट से बर्न यूनिट स्वीकृति की गई थी। पुरानी मेडिसिन बिल्डिंग की जमीन पर बर्न यूनिट बनाने का काम शुरू हो गया है। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि एक साल में दो मंजिला यूनिट बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें तीन प्लास्टिक सर्जन नियुक्ति किए जाएंगे, इसमें एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट और एक असिस्टेंट प्रोफेसर होंगे। नौ सीनियर रेजीडेंट नियुक्ति किए जाएंगे। 26 स्टाफ नर्स, दो टेक्नीशियन, तीन ड्रेसिंग असिस्टेंट होंगे। मरीजों को एसएन में ही इलाज मिल जाएगा, उन्हें दिल्ली नहीं जाना होगा।

बर्न यूनिट का हुआ भूमि पूजन

एसएन में बर्न यूनिट के लिए गुरुवार को भूमि पूजन किया गया। इसमें सांसद एसपी सिंह बघेल, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, एसएन के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा आदि मौजूद रहे।

इमरजेंसी के गेट पर सीवर का पानी

एसएन इमरजेंसी के गेट पर सुबह से ही सीवर का गंदा पानी भर गया। यहां सीवर का लाइन टूट गई, इससे दोपहर तक इमरजेंसी के गेट पर गंदा पानी भरा रहा।

अस्पताल में उपचार के अभाव में वृद्ध की मौत

फीरोजाबाद के रामनगर निवासी राकेश कुमार ने पुलिस को बताया कि पिता ईश्वरी प्रसाद (81) की तबीयत खराब होने पर उन्हें एक नवंबर को एफएच मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां गुरुवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। राकेश का आरोप है कि वहां डॉक्टर नहीं थे। उन्होंने स्टाफ से पिता को आइसीयू में भर्ती कराने को कहा। आरोप है कि एक घंटे बाद उन्हें आइसीयू में ले जाया गया। सुबह तक डॉक्टर के नहीं आने के कारण पिता की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए स्वजनों ने हॉस्पिटल के बाहर जमकर हंगामा किया। सूचना पर टूंडला पुलिस पहुंच गई।

क्‍या कहते हैं तीमारदार

एसएन से दवाएं नहीं मिली हैं, बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। दवाएं महंगी हैं।

कमला, गोबर चौकी

एसएन में जांच की सुविधा है लेकिन सभी जांच निजी लैब से कराने के लिए कह दिया है।

राखी, पचकुइयां

सुबह से इधर-उधर चक्कर लगाने पड़े, इसके बाद नंबर आया लेकिन दवाएं नहीं मिली।

शकील, प्रभु टॉकीज

क्‍या कहते हैं जिम्‍मेदार

दवाओं के लिए चार करोड़ का बजट आ गया है, ऑर्डर दे दिए गए हैं जल्द ही दवाएं आ जाएंगी। पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज

 

Posted By: Tanu Gupta

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