आगरा, जागरण संवाददाता। एसएन अस्पताल में मरीज को तीमारदार ढकेल पर लेकर पहुंच रहे हैं। यहां इलाज के लिए इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दवाएं भी मरीजों को बाजार से खरीदकर लानी पड़ रही हैं। सोमवार को एसएन की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही, अव्यवस्थाओं के दर्द से मरीज कराहते रहे।

एसएन की ओपीडी में 3200 मरीज आए। सुबह से पर्चे के लिए और ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मरीजों को ओपीडी में ले जाने के लिए व्हील चेयर और स्ट्रेचर कम पड़ गए। वार्ड ब्वॉय न होने पर तीमारदारों को ही मरीजों को लेकर जाना पड़ा। वहीं, नरीपुरा निवासी टीकाराम अपने पिता रमेश (80) को कूल्हे में फ्रैक्चर होने पर 50 रुपये किराए पर ढकेल लेकर सुबह 10 बजे ओपीडी पहुंच गए। यहां पर्चा बनवाने के बाद ओपीडी में दिखाया, उन्हें इमरजेंसी भेज दिया। दोपहर दो बजे के बाद वे भर्ती हो सके।

उधर, ओपीडी में परामर्श लेने वाले अधिकांश मरीजों को महंगी दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ीं। एसएन में 65 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं, ये दवाएं भी तीन दिन के लिए दी जा रही हैं।

क्‍या है कहते हैं मरीज

सुबह ओपीडी में आ गए थे, दो ही दवाएं दी हैं, बाजार से दवाएं लेने के लिए कह दिया। मेडिकल स्टोर पर दवाएं नहीं मिल रही हैं।

सोनदेवी, धनौली

जांच कराने के लिए लिख दिया है, रिपोर्ट मिलने के बाद इलाज शुरू होगा। इसके लिए दोबारा मेडिकल कॉलेज आना पड़ेगा।

महेंद्र, रोहता

महंगी सभी दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं, यहां से एक ही दवा वह भी तीन दिन के लिए दी गई है, सात दिन बाद डॉक्टर ने बुलाया है।

कृष्ण गोपाल मिश्र, शमसाबाद रोड

एक्सीडेंट हो गया था, निजी अस्पताल के बाद एसएन की ओपीडी में दिखाया, यहां बाजार से एक्सरे कराया गया है।

ठाकुर दास, तनौरा

वायरल का प्रकोप और चिकनगुनिया की दस्तक

वायरल के प्रकोप के बीच चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है। एसएन की माइक्रोबायोलॉजी लैब में 25 वर्षीय युवक में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। हालांकि, युवक हैदराबाद में नौकरी कर रहा है, बीमार होने पर वह आगरा अपने गांव आ गया। वहीं, मलेरिया और डेंगू के केस भी लगातार आ रहा हैं। मगर, इस बार इन दोनों बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या कम है।

पिछले तीन महीने से बुखार के मरीज लगातार आ रहे हैं। इस बार एसएन, जिला अस्पताल और निजी क्लीनिक पर वायरल बुखार के मरीज ज्यादा हैं। ओपीडी में 20 से 25 फीसद मरीज बुखार के आ रहे हैं, इसमें से अधिकांश वायरल बुखार से पीड़ित हैं। एनाफिलीज मच्छर से फैलने वाले मलेरिया और एडीज एजिप्टी मच्छर से फैलने वाला डेंगू और चिकनगुनिया के केस कम आए हैं।

एक 25 वर्षीय युवक में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है, वह हैदराबाद में नौकरी कर रहा है। बुखार और जोड़ों में दर्द होने पर अपने गांव आया था, यहां एसएन की माइक्रोबायोलॉजी लैब की जांच में चिकनगुनिया पॉजिटिव आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा परिजनों के सैंपल भी जांच को लिए जा रहे हैं।

क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ 

इस बार वायरल बुखार ज्यादा है, ओपीडी में 25 फीसद मरीज बुखार के आ रहे हैं, इसमें अधिकांश वायरल बुखार के मरीज हैं। डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या कम है।

डॉ. मृदुल चतुर्वेदी, फिजीशियन एसएन मेडिकल कॉलेज

इस बार मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या कम है, चिकनगुनिया पीड़ित मरीज भी हैदराबाद में रहा है। जिन क्षेत्रों में मलेरिया और डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां फॉ¨गग कराई जा रही है।

आरके दीक्षित, जिला मलेरिया अधिकारी

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों की निश्शुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था एसएन और जिला अस्पताल में की गई है।

डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ

 

Posted By: Tanu Gupta

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