आगरा, जागरण संवाददाता। मंडल के तीन जिलों की 21 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण नहीं होने पर शासन ने नई व्यवस्था शुरू की है। अब इन गांवो में भूमि खरीद कर पंचायत भवन बनाई जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंचायती राज निदेशक के आदेश के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए हैं।

भूमि के लिए बाजार और सर्किल दर जो भी अधिक हो उससे चार गुना तक भुगतान किया जाएगा। मंडल के चारों जिलों में 2,307 ग्राम पंचायत हैं जिनमें 2,286 गांव में जमीन चिन्हित कर निर्माण कार्य आखिरी दौर में है। ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन को ग्राम सचिवालय का दर्जा दिया गया है। यहां पर पंचायत सहायक की तैनाती कर दी गई है। योजनाओं के लिए आवेदन भी कर रहे हैं। मंडल के तीन जिलो में 21 ग्राम पंचायतों में भूमि नहीं मिलने पर निदेशक ने संबंधित गांव में भूमि खरीद कर पंचायत भवन बनाने के लिए कहा गया है। हालांकि इसके लिए सुलभता वाले मार्ग के समीप जमीन क्रय करनी है।

500 वर्गमीटर खरीदनी है भूमि

पंचायत भवन के लिए 500 वर्ग मीटर की जमीन क्रय करनी है इससे पहले अब तक 150 वर्गमीटर में पंचायत भवन बनाए जाते रहे हैं। इसके निर्माण पर 17.46 लाख रुपये खर्च होते हैं। जिनमें आठ कमरे, एक हाल, शौचालय, स्नानगघर और रसोईघर का निर्माण होता है।

यह है जिलावार ग्राम पंचायतें

आगरा

आटूस, हंसेला, खेरा बकांडा, मनियान, पिनानी रामनगर, बुढाना मुस्तकील, नौबारी, सरबतपुरा, सुचेता, अर्जी पलिया, बेहरी, महराजपुर और थाना शंकर डावरी।

फिरोजाबाद

भीकनपुर सदासुख, नारगापुरा, पछवा, गरही, नगला सैदलाल और बनकट।

मथुरा

खानपुर और शहजादपुर बांगर

मंडल के तीन जिलो की 21 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के लिए भूमि नहीं मिली है। मुख्यालय से जमीन खरीद कर पंचायत भवन बनाने का आदेश जारी हुआ है। जमीन क्रय करने के लिए प्रशासन से समन्वय बना कर तीनों जिलों के डीपीआरओ को निर्देशित किया गया है।

महेंद्र सिंह, उप निदेशक, पंचायती राज 

Edited By: Tanu Gupta