आगरा, जेएनएन। तेज गति से चलती बस, ओवरलोडिड सवारियां और दूसरे रूट का ड्राइवर। आज तड़के हुए भीषण हादसे के पीछे ये दो कारण सामने आए हैं। इस बात का प्रमाण कोई और नहीं बल्कि बस की एक सवारी ने ही दिया है। हादसे में घायल हुए प्रक्रेश ने बताया कि बस में लखनऊ से दिल्ली जाने वाली सवारियों की संख्या ज्यादा थी। दूसरा कारण गाजीपुर डिपो की बस चलाने वाले ड्राइवर और कंडक्टर को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली बस लेकर भेज दिया गया, इन्हें रूट की जानकारी नहीं थी। तीसरा सबसे अहम कारण कि तेज गति से चल रही बस के चालक को नींद का वक्‍त होते ही झपकी लग गई और दो दर्जन से अधिक मौत हो गई।

घायल प्रकेश ने बताया कि लखनऊ से गाजियाबाद के लिए रविवार रात रवाना हुई बस रात 12.30 बजे फूड प्लाजा पर रुकी थी। इसके बाद बस तेज गति से चलती रही। इस दौरान कंडक्टर का टिकट को लेकर सवारियों से विवाद भी हुआ। जिस वक्‍त हादसा हुआ उस वक्‍त सभी सवारियां सो रही थीं। यमुना एक्‍सप्रेस वे से झरना नाले में जैसे ही बस गिरी किसी को भी संभलने का मौका भी नहीं मिला। बस नाले में धमाके के साथ गिरी और गिरते ही पलट गई थी। रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के दौरान जब बस को सीधा किया गया तो बस की छत पूरी तरह से अंदर की ओर धंस चुकी थी। सीट और छत के बीच आए यात्रियों पर मौत ने झपटटा मार दिया। 

Posted By: Tanu Gupta

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