आगरा, जागरण संवाददाता। कमला नगर में मणप्पुरम गोल्ड कंपनी की शाखा में डकैती डालने वाले गैंग का सरगना नरेंद्र उर्फ लाला अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आया है। पुलिस ने वांछित पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। सरगना ने डकैती के बाद फरारी के लिए एटा में कुछ जेवरात गिरवी रखे थे। आगरा पुलिस ने रविवार को एटा में दबिश देकर दो शक के दायरे में आए सराफा काराेबारियों काे पूछताछ के लिए उठाया है। जिनसे यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि सरगना नरेंद्र ने उनके पास कितने जेवरात गिरवी रखे थे। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ बताने को तैयार नहीं है।

कमला नगर में 17 जुलाई को मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी की शाखा में बदमाशों ने दिनदहाड़े डाका डाला था। वहां से करीब 16 किलोग्राम सोने के जेवरात लूट ले गए थे। पुलिस ने वारदात के कुछ घंटे बाद ही डकैती में शामिल दो बदमाशों मनीष पांडेय और निर्दोष को एत्मादपुर इलाके मुठभेड़ में मार गिराया था।वहीं आरोपित प्रभात शर्मा ने एनकाउंटर के डर से कमला नगर थाने में समर्पण कर दिया था।संतोष जाटव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। इसके अलावा पुलिस डकैती में शामिल अंशुल सोलंकी, अंशु यादव और उसके जीजा संजय को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।

डकैती डालने वाले बदमाशों का सरगना नरेंद्र उर्फ लाला और उसका साथी रेनू पंडित अभी वांछित हैं। नरेंद्र पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। नरेंद्र की आखिरी लोकेशन एटा से टैक्सी करके दिल्ली जाने की मिली थी। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं है। छानबीन के दौरान पुलिस की जानकारी में आया कि नरेंद्र डकैती के बाद एटा गया था।वहां पर उसने फरारी के लिए लूटे गए जेवरात गिरवी रखे थे।

बताया जा रहा है कि नरेंद्र उर्फ लाला के पास सोने के करीब चार किलोग्राम आभूषण है। जबकि तीन किलोग्राम जेवरात रेनू पंडित के पास होने की आशंका है। आगरा पुलिस ने रविवार को एटा में दबिश देकर शक के आधार पर दो सर्राफ को पकड़ा है। उनसे यह जानने का प्रयास कर रही है कि नरेंद्र उर्फ लाला ने कितने जेवरात गिरवी रखे थे। यदि जेवरात गिरवी रखे थे तो क्या सर्राफ कारोबारियों ने उन्हें गला दिया है। एटा पुलिस ने आगरा पुलिस द्वारा दबिश देने की पुष्टि की है।वहीं आगरा पुलिस इस बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। 

Edited By: Tanu Gupta