आगरा, जागरण संवाददाता। ठगी के लिए अब साइबर शातिरों ने सोशल मीडिया पर जाल बिछा लिया है। फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर ये लोगों से दोस्ती करते हैं। इसके बाद वे मजबूरी बताकर अपने खातों में रकम जमा करा लेते हैं। लोगों को जब तक ठगी का अहसास होता है तब तक बहुत देर हो जाती है। कुछ लोग ठगी के बाद चुप बैठ जाते हैं। इनमें से कुछ साइबर सेल पहुंचे हैं।

सदर क्षेत्र का एक युवक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। पिछले दिनों उसकी फेसबुक पर एक अमेरिकन युवती से दोस्ती हो गई। फेसबुक मैसेंजर पर कुछ दिन तक बात करने के बाद वाट्सएप पर चैटिंग शुरू हो गई। इसी बीच युवती ने डेटिंग को भारत आने की बात कही। चार दिन पहले उसने बताया कि वो मुंबई के लिए निकल ली है। दूसरे दिन मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने की जानकारी मिली। उसने बताया कि कस्टम क्लियरेंस के लिए रुपये की जरूरत है। युवक ने उसके कहने पर खाते में तीस हजार रुपये जमा करा दिए। पचास हजार रुपये की और मांग करने पर उसे ठगी का अहसास हो गया। तब उसने साइबर सेल में शिकायत की है।

दूसरा मामला रकाबगंज क्षेत्र का है। यहां की युवती से ब्रिटिश एयरलाइंस में कैप्टन बताकर फेसबुक पर शातिर ने दोस्ती कर ली। वाट्सएप पर चैटिंग करके उसने कहा कि वह मिलने भारत आएगा। इसके बाद बीमारी का बहाना बनाकर युवती से अपने खाते में कई बार में 5.62 लाख रुपये जमा करा लिए। साइबर सेल अभी दोनों मामलों में जांच कर रही है।

ऐसे करते हैं ठगी

फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद शातिर लगातार संपर्क में रहते हैं। वे मिलने का झांसा देते हैं। इसके बाद मजबूरी दिखाकर अपने खाते में रकम जमा करा लेते हैं।

बरतें सावधानी, न आएं झांसे में

  • फेसबुक पर अंजानों से दोस्ती न करें।
  • फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसके बारे में पूरी जांच कर लें।
  •  भावनाओं में बहकर कोई निर्णय नहीं लें। किसी के कहने पर उसके खाते में रकम जमा न करें।  

Posted By: Prateek Gupta

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