आगरा, यशपाल चौहान। उप्र पुलिस अपना आपातकालीन सहायता नंबर बदलने के साथ चेहरा भी बदलेगी। पुलिस को अधिक संवेदनशील और मानवीय बनाने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग और बुजुर्गों की सहायता की योजना बनाई गई है। 26 अक्टूबर से आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली 100 से 112 पर स्थानांतरित की जा रही है। इसमें फायर, एंबुलेंस सहित अन्य सहायता प्रणालियों को भी शामिल किया गया है। डीजीपी ने इसी के साथ कम्युनिटी पुलिसिंग संबंधी निर्देश भी अधिकारियों को जारी किए हैं।

वैसे तो कम्युनिटी पुलिसिंग पर काफी समय से जोर है, लेकिन इस बार सबसे पहले बुजुर्गो (60 वर्ष से अधिक) पर ध्यान केंद्रित कर इसकी शुरुआत की जा रही है। भविष्य में ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें घरेलू हिंसा से पीडि़त, व्यापारी, सुरक्षा गार्ड, डॉक्टर शामिल होंगे। इस अभियान को पुलिस तकनीकी रूप से स्थाई करने जा रही है। दिशा देने को दो माह का टारगेट रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को इसके लिए एप का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया विधिवत शुरू कर दी जाएगी।

ऐसे होगा पंजीकरण

वरिष्ठ नागरिक 112 नंबर मिलाएंगे और नाम, पता, फोन नंबर जैसी प्राथमिक जानकारी देंगे। इसके बाद थाने का बीट स्टाफ फोन कर समय तय करेगा। टैब लेकर बुजुर्ग से मिलेगा और पंजीकरण करेगा। इसमें पहचान, रिश्तेदार, सेहत, परेशानियां, निवास स्थान आदि की एंट्री की जाएगी। यदि टैब उपलब्ध नहीं है तो कागज का बीट फॉर्म आरक्षी के पास रहेगा, जिसे भरकर बाद में थाने के कंप्यूटर में भरा जाएगा। बुजुर्ग भी एप या वेब साइट पर खुद या किसी सहयोगी से विवरण भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। पुलिस पंजीकरण के लिए थाना समाधान दिवस, तहसील दिवस, पुलिस लाइन, तहसील दिवस के मौके पर कैंप लगाएगी।

ऐसे होगी कम्युुनिटी पुलिसिंग

थाने का बीट स्टाफ नियमित रूप से पंजीकृत बुजुर्ग से मिलेगा और समस्याएं हल करेगा। प्रत्येक कार्रवाई की एंट्री साफ्टवेयर में की जाएगी। मिलने का अंतराल क्या हो? यह उपलब्ध संसाधन और आवश्यकता के आधार पर थाना प्रभारी द्वारा तय किया जाएगा। बुजुर्गों से भेंट कर व मैसेज द्वारा पुलिस जन्म दिवस की बधाई भी देगी।

जिला और थाना स्तर पर वरिष्ठ नागरिक सेल बनेंगे

बुजुर्गों का पंजीकरण होने के बाद जिला और थाने स्तर पर वरिष्ठ नागरिक सेल का गठन किया जाएगा। इसमें पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इन दोनों सेल के माध्यम से ही सूचनाएं फीड की जाएगी।

अभी दोनों नंबर करेंगे काम

अभी आपातकाल में 100 और 112 दोनों नंबर मिला सकते हैं। 112 नंबर प्रचारित हो जाने के बाद सरकार बाद में 100 नंबर को बंद कर सकती है।

पुलिस बुजुर्ग और असहायों का सहारा बनने को अभियान शुरू कर रही है। इसमें बुजुर्ग किसी भी परेशानी पर पुलिस को कॉल तो करेंगे ही साथ ही पुलिस भी अपनी ओर से उनसे परेशानी पूछने जाएगी।

ए सतीश गणेश, आइजी  

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