आगरा, जागरण संवाददाता। बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से बचने को बीमारी का बहाना नहीं चलेगा। सीएमओ द्वारा जारी प्रमाण-पत्र और आवेदन-पत्र को प्रतिहस्ताक्षरित करने पर ही मेडिकल लीव मिल सकेगी। बोर्ड परीक्षा के दौरान अस्वस्थ होने का हवाला देकर प्रधानाचार्य, शिक्षकों व कर्मचारियों के छुट्टी लेने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से छह मार्च तक होनी हैं। पूर्व की बोर्ड परीक्षाओं में देखा गया है कि बहुत से प्रधानाचार्य व शिक्षक केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी से बचने को अस्वस्थता प्रमाण-पत्र देकर मेडिकल लीव ले लेते हैं। इससे परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। परिषद ने पूर्व के अनुभवों को देखते हुए इस बार परीक्षा के सफल संचालन को नई व्यवस्था की है। सचिव नीना श्रीवास्तव ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पूर्व जो प्रधानाचार्य व शिक्षक मेडिकल लीव के लिए आवेदन करें, उन्हें सीएमओ के पास अस्वस्थता की पुष्टि करने व चिकित्सा आवेदन पत्र को प्रतिहस्ताक्षरित कराने को भेजा जाए। सचिव ने सीएमओ, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, डीआइओएस, बीएसए को निर्देश दिए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में सीएमओ द्वारा जारी प्रमाण-पत्र व आवेदन को प्रतिहस्ताक्षरित करने के बाद ही मेडिकल लीव दी जा सकेंगी। 

Posted By: Prateek Gupta

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