आगरा मतांतरण गिरोह: नौ नए सदस्य पुलिस की रडार पर; छह को नोटिस, तीन की तलाश
आगरा में मतांतरण गिरोह की जांच में पुलिस ने नौ और सदस्यों की पहचान की है। इनमें से तीन सक्रिय ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, आगरा। मतांतरण मामले में जैसे-जैसे पुलिस की जांच बढ़ रही है, हररोज नई परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस ने नौ लोगों को चिह्नित किया है। इनके मतांतरण गिरोह से जुड़े होने के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। इनमें से तीन सक्रिय सदस्य 15 सालों से मतांतरण गिरोह हिस्सा हैं।
ये उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बंगाल में संचालित नेटवर्क का अहम हिस्सा हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। वहीं छह सदस्यों को नोटिस भेजकर उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। बयान दर्ज न कराने आने पर इन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बंगाल में तीन सदस्य 15 साल से हैं सक्रिय
सदर से बीते वर्ष 24 मार्च को गायब दो बेटियों को पुलिस ने 18 जुलाई को कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य तपसिया क्षेत्र से बरामद किया था। बेटियों का अवैध मतांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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वर्तमान में गिरोह के सरगना सहित 18 सदस्य जेल में हैं
30 अप्रैल को पुलिस टीम ने दिल्ली और राजस्थान में दबिश देकर तलजीम उर रहमान निवासी ओखला, जामिया नगर साउथ ईस्ट दिल्ली, परवेज अख्तर अहाता किदारा, थाना बाड़ा हिंदू राव नोर्थ दिल्ली, जतिन कपूर उर्फ जाशिम कपूर थाना आदर्श नगर नार्थ वेस्ट दिल्ली के अलावा राजस्थान से हसन मोहम्मद निवासी पहाड़ी गंगोरा, थाना पहाड़ी जिला डींग को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में गिरोह के सरगना सहित 18 सदस्य जेल में हैं।
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तीनों सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस दे रही है दबिश
हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार सदस्यों से पूछताछ में पुलिस को नौ अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली है। इनमें तीन सक्रिय सदस्य पिछले 15 वर्षों से मतांतरण गिरोह से जुड़े हैं। ये पहले कलीम सिद्दीकी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बंगाल में नेटवर्क संचालित कर रहे थे। कलीम सिद्दीकी के जेल जाने पर ये अब्दुल रहमान के साथ जुड़ गए।
तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जुटी हुई हैं
तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। इसके अलावा छह अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, पुलिस ने इन्हें नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। डीसीपी पश्चिम आदित्य ने बताया जांच में नौ लोगों के नाम सामने आए हैं। छह को नोटिस भेजे गए हैं, तीन की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं।
बाटला हाउस और शाहीन बाग तक पहुंची जांच
पुलिस की जांच अब बाटला हाउस और शाहीन बाग तक पहुंच गई है। गिरफ्तार किए गए तलजीम ने पुलिस को बताया कि कुछ टिकट व मतांतरण के लिए आने वाली फंडिंग के रिकॉर्ड बाटला हाउस दिल्ली के एक डॉक्टर के यहां छिपाकर रखे हुए हैं। इस पर पुलिस डॉक्टर की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए जांच कर रही है।
परवेज अख्तर ने पूछताछ में बताया है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद के सेंटर पर मतांतरण संबंधी लेनदेन के दस्तावेज शाहीन बाग में छिपाकर रखे गए हैं। अब पुलिस कलीम सिद्दीकी के दामाद की भूमिका की भी जांच कर रही है।
