आगरा, जागरण संवाददाता। छोटी सी कहानी, बड़ी मुसीबत बन गई और इसका खामियाजा पांच वर्ष के लकी और दो वर्ष की खुशी को भुगतना पड़ा। पति-पत्नी में दस रुपये को लेकर हुई रार से छह माह तकरार रही। बच्चे पापा से मिलने को तरसते रहे और पत्नी बच्चों को पापा का प्यार दिलाने को। एक दूजे की मजबूरियां पति-पत्नी ने सारी कहानी को भूल साथ रहने का मन बना लिया।

शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में बोदला निवासी सीमा और उसके पति जीतू का छह पूर्व शुरू हुए प्रकरण में सुलह कर पति के साथ ससुराल भेज दिया। 2011 में सीमा की शादी मथुरा निवासी जीतू के साथ हुई थी। छह माह पूंर्व जीतू शाम को घर पर आया। सीमा ने घरेलू सामान के लिए दस रुपये मांगे। जीतू ने रुपये देने से इन्कार कर दिया। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। कहानी मारपीट तक पहुंच गई। सीमा अपने बच्चों को लेकर मायके पहुंच गई। वहां से उसने भरण पोषण का केस दायर कर दिया। चार माह तक अलग रहे। अक्टूबर में दोनों ने कोर्ट में एक साथ रहने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने अपने फैसले में दोनों को साथ रहने आदेश दिया है। शनिवार को दोनों मथुरा चले गए। काकू की याद में पिघला दिल

2011 में बाह निवासी रनजीत सिंह और मछला देवी की शादी हुई थी। दोनों में विवाद हो गया। पेशे से अध्यापक पिता को बेटी काकू की याद सताती थी। तारीख पर आने के दौरान बेटी को देख मन नहीं मानता था। इस कारण दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुति किया। कोर्ट ने मामले को सुलह कर दोनों को घर भेज दिया। छोटे से खिलौने ने मिला दिया

देवेंद्र और राजकुमारी की शादी 2012 में हुई थी। छह माह पूर्व घरेलू विवाद के कारण मामला अदालत में पहुंच गया। तारीख पर आते-आते परेशान दोनों ने साथ रहने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और अदालत ने साथ रहने के लिए घर भेज दिया। छह माह की बच्ची को देख पिता का दिल पिघल गया और साथ रहने के लिए घर भेज दिया। शादी के बाद से रही अनमन

इमरान कुरैशी और नीलम कुरैशी की शादी 2017 में हुई थी। दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। नौ महीने से एक दूसरे से दूर रहते थे लेकिन दोनों ने साथ रहने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने प्रकरण सुलह कर दोनों साथ रहने के लिए घर भेज दिया। ये भी बने जोड़े

सीमा और जीतू, यथार्थ और मानवी, विपिन सविता, राजकुमार और जूली सहित नौ जोड़ों के प्रकरण को खत्म कर साथ रहने के लिए घर भेज दिया।

Posted By: Jagran