आगरा, भूपेंद्र शर्मा। ब्रज की एक और होनहार बेटी अंतरराष्‍ट्रीय फलक पर छाई है। माइक्रो बायोलॉजी के क्षेत्र में किए गए शोध को पूरी दुनिया के सामने प्रस्‍तुत करने को अमेरिका से छोटे से कस्‍बे सौंख की बेटी निधि वर्मा के पास बुलावा आया है। वह 20 से 24 जून तक सेनफ्रांसिस्को, केलीफोर्निया में अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रो बायोलॉजी कमेटी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सहभागिता करेंगी। जिसमें उनके द्वारा किए गए शोध पर तैयार पोस्टर प्रस्तुत किए जाएंगे और 22 जून को रिसर्च पेपर का प्रस्‍तुतिकरण होगा। साथ ही पौधे पर फंगस के प्रभाव और उपयोगिता के बारे में बताया जाएगा। 

करीब 27 वर्षीय निधि वर्मा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली की होनहार छात्राओं में से एक हैं। नवंबर 2017 में सोसायटी ऑफ बायाेेलॉजिकल साइंस का यंग साइंटिस्ट अवार्ड जीत चुकींं निधि वर्मा वर्ष 2014 से जेएनयू में प्रोफेसर एके जौहरी के सानिध्य में जैविक खेती में फंगस की लाभ और उपयोगिता पर शोध कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक ऐसे फंगस की खोज की है, जो पौधे के साथ अंतरग्रहीत कर देने पर फसल के दानों में आयरन की मात्रा दोगुनी कर देता है। उन्होंने इस सिद्धांत का पोस्टर भी डिजाइन किया है। इसी कार्य से प्रभावित होकर पिछले वर्ष दो अक्टूबर को माइक्रोबायाेेलॉजी सोसाइटी इंग्लैंड ने निधि को आयरलैंड में हुई जैविक साइंस की कांफ्रेंस में आमंत्रित किया था। जिसमें निधि वर्मा ने यूरोप के 22 देशों के प्रतिनिधियों के बीच अपने शोध के पोस्टर प्रस्तुत किए थे। इस वर्ष उनके शोध को वरीयता देते हुए अमेरिकन सोसाइटी ने उन्हें आउटस्‍टेंडिंग वर्ग में नामित किया है। इस वर्ग में नामांकन पर निधि को 900 डॉलर का प्राथमिक अवार्ड भी मिला है। इस बारे में भाई अमन वर्मा ने बताया कि कांफ्रेंस में निधि फंक्शनल करेक्टर ऑफ हाई एफीनिटी आयरन ट्रांसपोर्टर फ्रॉम रूट इंडोफोटिक फंगस पिरीफोर्मोस्पोरा इंडिका एंड इट््स रोल इन प्लांट ग्रोथ एंड डेवलपमेंट विषय पर विचार प्रस्तुत करेंगी। 

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Posted By: Prateek Gupta

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