आगरा, जागरण संवाददाता। ताजमहल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब नया विवाद स्मारक में नमाज को लेकर शुरू हुआ है। बुधवार को सीआइएसएफ ने ताजमहल स्थित शाही मस्जिद में नमाज पढ़ते चार पर्यटकों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था।

इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा केवल शुक्रवार को नमाज की अनुमति होने की बात कही जा रही है। वहीं, ताजमहल मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने ताजमहल की मस्जिद में प्रतिदिन नमाज होने की बात कहकर केवल शुक्रवार को ही नमाज की अनुमति होने का आदेश एएसआइ से मांगा है।

ताजमहल में मुख्य मकबरे की पश्चिमी दिशा में शाही मस्जिद बनी हुई है। ताजमहल में शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी रहती है, लेकिन नमाजियों को दोपहर 12 से दो बजे तक स्मारक में प्रवेश देने के लिए स्मारक खुलता है। ताजमहल को लेकर खड़ा हुआ नया विवाद शाही मस्जिद में नमाज पढ़ने से जुड़ा है। बुधवार को सीआइएसएफ ने ताजमहल स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ते चार पर्यटकों को पकड़ा था। इनमें तीन पर्यटक हैदराबाद और एक आजमगढ़ का था। सीआइएसएफ ने उन्हें पकड़ने के बाद कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। इस पर विवाद शुरू हो गया है। एएसआइ के आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् राजकुमार पटेल ने ताजमहल में केवल शुक्रवार को नमाज की अनुमति होने की बात कही है।

उधर, ताजमहल मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष सैयद इब्राहिम जैदी का कहना है कि ताजमहल की मस्जिद में हमेशा से नमाज होती चली आ रही है। कुछ दिनों से एएसआइ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर इस पर पाबंदी लगा रहा है।

एएसआइ से रोजाना की नमाज पर पाबंदी के संबंध में लिखित में जानकारी मांगी गई है और नोटिस बोर्ड पर यह बात अंकित करने को कहा गया है। ऐसा कोई आदेश नहीं है। पर्यटकों को नमाज पढ़ने से एएसआइ, सीआइएसएफ या एसआइएस द्वारा रोका नहीं गया। अगर नोटिस बोर्ड पर यह बात लिखी हाेगी तो इस तरह के मामले नहीं होंगे।

हाल ही में हुए विवाद

-अयोध्या के जगद्गुरु स्वामी परमहंस आचार्य को धर्मदंड के साथ स्मारक में प्रवेश से रोका गया। उन्होंने गेरुए वस्त्र पहने होने की वजह से स्मारक में प्रवेश से रोके जाने की बात कही। विवाद के एक सप्ताह बाद ताजमहल जा रहे परमहंस आचार्य को पुलिस ने सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस में रखा। परमहंस आचार्य की याचिका पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है।

-अयोध्या के डा. रजनीश कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर कर ताजमहल के बंद तहखाना को खुलवाने की मांग की। कोर्ट ने याचिका को रद करते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाई।

-रविवार को उरई, जालौन से आए संत मत्सेंद्र गोस्वामी ने ताजमहल में रायल गेट के पश्चिमी तरफ बने दालान में हिंदू देवी-देवताओं के चित्र लगे होने पर विरोध जताया। उन्होंने शौचालय के नजदीक लगे चित्र नहीं हटाए जाने पर ताजमहल के गेट के बाहर आमरण अनशन पर बैठने का ट्वीट किया। 

Edited By: Prateek Gupta