जागरण टीम, आगरा। चार दशक पहले बनाया गया जगनेर का बस स्टैंड अफसरों की अनदेखी का शिकार हो चुका है। इमारत कभी भी ढह सकती है। बस स्टैंड परिसर फिलहाल डलावघर बन गया है। लोग घर का कूड़ा फेंककर इसे और भी बदसूरत बना रहे हैं। लोग कहते हैं कि शुरुआत में जब बस स्टैंड बना, तब लगा अब बदहाली दूर हो जाएगी। कुछ दिन बसें यहां आकर रुकीं। सवारियां उतरी-चढ़ीं लेकिन अनदेखी ने सरकार का लाखों रुपया पानी में बहा दिया। अब चालक भी बस सड़क पर ही रोकते हैं। इससे ट्रैफिक जाम होता है। सवारियां भी बस स्टैंड पर नहीं, बल्कि रोड पर ही बस का इंतजार करती हैं। आगरा जाने के लिए सड़क पर ही बस का इंतजार करना पड़ता है। बैठने तक के लिए कोई स्थान नहीं, धूप, बारिश हो या सर्दी, बच्चों के साथ परेशानी होती है।

शशि शर्मा, गृहणी जनता ने नुमाइंदे तो चुने लेकिन कभी उनसे बस स्टैंड की बदहाली दूर करने का प्रस्ताव नहीं रखा। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि का भी इस ओर ख्याल नहीं गया।

अनिल गर्ग, व्यापारी बस स्टैंड चार दशक से हैं लेकिन किसी सांसद, विधायक ने इसे संचालित करने पर विचार नहीं किया। यह संचालित हो जाए तो सड़क पर जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी।

मुकेश परमार, सामाजिक कार्यकर्ता बस स्टैंड की बदहाली के चलते लोग यहां कूड़ा फेंकने लगे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका को सफाई करानी चाहिए।

अन्नू शर्मा, मैरिजहोम संचालक बुजुर्ग मतदाताओं को करें जागरूक

जागरण टीम, आगरा। बाह के भदावर विद्यामंदिर पीजी कालेज के सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शिविर का समापन शुक्रवार को धोबई के प्राथमिक विद्यालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम अधिकारी डा. शम्स आलम ने स्वयं सेवकों को मतदान का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गांव के बुजुर्ग मतदाताओं को जानकारी दें कि इस बार सरकार ने ऐसे मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की व्यवस्था की है।

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