आगरा, जेएनएन। गर्मी की मेवा कहा जाने वाला फल फालसेव अभी पर्याप्त मात्र में बाजार में नहीं मिल रहा है, लेकिन जहां भी नजर आ जाता है, रोजेदार इसको खरीदने के लिए जुट जाते हैं। हालांकि महंगा होने के कारण अभी इसकी बिक्री ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। क्योंकि अभी यह 20 रुपया का 100 ग्राम मिल रहा है।

रोजेदार असलम खान बताते हैं कि फालसेव एक ऐसा फल है जो शरीर को ताजगी के साथ स्फूर्ति भी देता है। इसका लोग शर्बत बनाकर ज्यादा प्रयोग करते हैं। शाह नवाज का कहना है कि रमजान के महीने में पडऩे वाली भीषण गर्मी को देखकर रोजेदार तरी और तरावट देने वाले फल अधिक इस्तेमाल करते हैं, फालसेव इनमें एक है। यह जंगली फल है। इसका आगरा से अन्‍य शहरों में आयात किया जाता है। यह फल मई व जून में ही कुछ समय के लिए बाजार में आता है। इसकी पैदावार बहुत कम होती है। बाजार में इस समय इसकी सबसे ज्यादा खरीदारी हो रही है।

पेट दर्द से निजात दिलाए

अगर आपको पेट दर्द की समस्या आए दिन होते रहती है तो फालसा आपके लिए रामबाण इलाज हो सकता है। पेट के दर्द के इलाज के लिए सिकी हुई ३ ग्राम अजवायन में 25 से 30 ग्राम फालसे के रस को डालकर थोड़ा सा गर्म करें। गुनगुना होने पर इस मिश्रण को पिएं। पेट दर्द में आराम मिलेगा।

रक्त विकार ठीक करे

खून से जुड़ी सारी परेशानियां फालसा के नियमित सेवन से ठीक हो जाती हैं। फालसा में मौजूद विटामिन सी शरीर में लोहे का अवशोषण करने में सहायक होता है जिससे शरीर में खून साफ होता है औऱ रक्त के विकार की समस्या ठीक होती है। सात ही ये पेशाब करने के दौरान होने वाली जलन को भी कम करता है।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करे

सुबह-शाम लगातार एक महीने तक खाने से रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।

लू लगने से बचाए 

फालसा खनिज लवण जैसे एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आयरन, आदि से भरपूर होता है। इन खनिज लवणों के कारण ये गर्मी के मौसम में लू लगने से बचाता है और अचानक से होने वाले बुखार का इलाज करता है। इससे मचली, उल्टी और घबराहट जैसे लक्षणों में आराम मिलता है।

दिमाग के लिए फायदेमंद

अगर याददाश्त कमजोर होते जा रही है और पढ़ा हुआ कुछ भी याद नहीं रहता तो फालसेव का रस पिएं। फलसेव में मौजूद विटामिन सी और लौह दिमाग में खून का संचालन बढ़ाता है। जिससे मस्तिष्क संबंधी समस्या ठीक होती है।

फुंसी-फोड़े ठीक करे

दरअसल फालसेव केवल फल के तौर पर ही नहीं इसके पेड़ की पत्तियां और तने भी बीमारियों का इलाज करने में उपयोगी हैं। किसी भी तरह के फोड़े-फुंसी त्वचा में जलन या त्वचा का छिलना, एक्जमा, चकते पड़ना, आदि में फालसा की पत्तियों को रात भर भिगोने के बाद पीस कर लगाएं। इससे इन सब समस्याओं में फायदा पहुंचता है।

स्वास्थ्यवर्धक

- इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा मौजूद होता है, जो संक्रमण से बचाता है।

- विटामिन सी की मौजूदगी शरीर में ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करती है।

- प्रचुर मात्रा में आयरन होने से यह हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और एनीमिया से बचाव होता है।

- कैंसर से लड़ने भी सहायक होता है।

- खांसी-जुकाम और गले में होने वाली खराश से निजात दिलाने में प्रभावशाली है।

- इसका शरबत पीने से पेट में जलन दूर हो जाती है और पाचन क्रिया ठीक रहती है।

 घरेलू उपाय

- फालसेव को सेंधा नमक और कालीमिर्च के साथ खाने से भोजन के प्रति अरुचि से छुटकारा मिलता है।

- पके हुए फालसेव का रस पानी, सोंठ और शक्कर के साथ मिलाकर पीने से दिल के रोग में लाभ मिलता है।

- इसकी जड़ का काढ़ा पीने से गठिया ठीक होता है।

- पत्तों को पीसकर चेहरे पर लगाने से फुंसियां ठीक हो जाती हैं। 

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Posted By: Prateek Gupta

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