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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Murder of Child: आगरा के धौर्रा में आठ वर्ष के बालक की हत्या, भूसे में मिला शव, फोर्स तैनात

By Tanu GuptaEdited By:
Published: Thu, 10 Sep 2020 09:24 AM (IST)Updated: Thu, 10 Sep 2020 11:49 AM (IST)

Missing and Murder Case दो दिन से लापता था बालक पिता ने लिखाया था अपहरण का मुकदमा। अल्पसंख्यक युवक पर था शक पुलिस पर लापरवाही का आरोप गांव में तनाव।

Murder of Child: आगरा के धौर्रा में आठ वर्ष के बालक की हत्या, भूसे में मिला शव, फोर्स तैनात
Murder of Child: आगरा के धौर्रा में आठ वर्ष के बालक की हत्या, भूसे में मिला शव, फोर्स तैनात

आगर, जागरण संवाददाता। एत्मादपुर के धौर्रा में मंगलवार दोपहर को लापता हुए आठ वर्षीय उपदेश की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह उसका शव घर से सौ मीटर दूर स्थित एक बाड़े में भूसे के ढेर में दबा मिला। पड़ोस में रहने वाले एक अल्पसंख्यक युवक पर स्वजनों ने शक जताया था। पुलिस ने उससे ठीक से पूछताछ तक नहीं की। इसको लेकर स्वजन में आक्रोश है। तनाव देखते हुए कई थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया गया है। लगभग चार घंटे बाद ग्रामीण राजी हुए और शव को पोस्‍टमार्टम गृह भेजा गया है। विधायक रामप्रताप सिंह चौहान भी मौके पर पहुंच गए और पीडि़त परिवार को सात्‍वंना प्रदान की। 

धौर्रा निवासी रघुनाथ सिंह यादव किसान हैं। उनका इकलौता बेटा उपदेश उर्फ भुल्ला घर के बाहर खेलते समय गायब हुआ था। परिजनों ने उसकी चारों तरफ तलाश की। काफी तलाश के बाद भी सुराग नहीं मिला तो वे थाने पहुंचे। थाना पुलिस ने पहले दिन कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर परिजनों ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामप्रताप सिंह चौहान से संपर्क किया। विधायक के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद भी पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखाई। गुरुवार सुबह रघुनाथ के पड़ोसी रूसी की पत्नी अपने भैंसों के बाड़े में भूसा निकाल रही थीं तभी उनको बालक का शव दिख गया। शव देखकर वे चीख पड़ीं। रघुनाथ और उनके परिवार के लोग भी पहुंच गए। शव मिलने के बाद स्वजन और ग्रामीणों में आक्रोश है।

उनका कहना है कि मुकदमा लिखाते समय रघुनाथ ने अपने पड़ोसी अल्पसंख्यक युवक पर शक जाहिर किया था। उसी के घर के सामने के बाड़े में बालक का शव मिला है। पुलिस ने पड़ोसी को पूछताछ के लिए बुलाया था। स्वजनों का आरोप है कि पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ नहीं की। इसलिए बच्चे के बारे में जानकारी नहीं हुई। अगर पुलिस सख्ती दिखाती तो उनके इकलौते बेटे की जान बच सकती थी। पांच वर्ष पहले उपदेश का चचेरा भाई 17 वर्षीय हिमांशु लापता हुआ था। उसका भी आज तक कोई सुराग नहीं मिला है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गहराई से जांच की जा रही है। जो भी हकीकत सामने आ जाएगी।