आगरा, जेएनएन। मिसेज इंडिया व लखनऊ विकास प्राधिकरण की सचिव ऋतुु सुहास ने गोवर्धन पहुंचकर गिरिराजजी की पूजा अर्चना की तथा परिक्रमा लगाई। वह आईएएस अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास एलवाई की पत्नी हैं व दो बच्चों की मां हैं। मुंबई में दस से पंद्रह सितम्बर के बीच आयोजित मिसेज इंडिया-2019 प्रतियोगिता में ऋतु सुहास ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता में 20 राज्यों के 59 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।

शनिवार को ऋतुु सुहास ने अपने दोनों बच्चों के साथ गिरिराजजी की पूजा अर्चना की। सेवायत दीपू पुरोहित ने मंत्रोच्चारण के बीच पूजा संपन्न कराई। बता दें कि मुंबई में आयोजित मिसेज इंडिया- 2019 का खिताब पीसीएस अधिकारी ऋतु सुहास ने जीता था। वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में कुल छह राउंड हुए थे, जिसमें कॉस्ट्यूम व सवाल- जवाब सेशन में वह सबसे आगे रहीं और विजेता बनीं। उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने मुगले आजम की अनारकली ड्रेस पहनी, जिसने निर्णायकों को प्रभावित किया जबकि सवाल-जवाब राउंड में उनसे सफलता और असफलता के मायने पूछे गए। उनका जवाब था कि ये दोनों एक-दूसरे के विलोम नहीं बल्कि पर्यायवाची हैं। असफल होने के बाद लगातार किए गए प्रयासों का नतीजा है सफलता। गोवर्धन आने को उन्होंने अपना सौभाग्य बताया तथा प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन पर कार्य करने के लिए कहा। इस दौरान राजस्व से गौरी शंकर पचौरी, पवन कुमार, ब्रज भूषण अवस्थी, कन्हैया आदि मौजूद थे।

जब लगे गिरिराजजी के जयकारे

सन 2006 में निकाय चुनाव के दौरान गोवर्धन नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित गोर गोपाल मुखिया को एसडीएम ऋतुु सुहास (उस समय ऋतुु शर्मा) शपथ दिलाने आई तो उनकी शैली और मुस्कान देख उपस्थित हजारों लोगों ने गिरिराजजी के जयकारे लगाना शुरू कर दिया। यह नजारा देख उनके चेहरे पर भी मुस्कान तैर गई और उन्होंने भी गिरिराज महाराज की जय बोली।

बूथ दोस्त ऐप बनाने के बाद चर्चा में आई थींं ऋतु

ऋतु सुहास ने 'बूथ दोस्त' नाम से एक खास तरह का मोबाइल एप बनाया था। जिसका प्रयोग यूपी निकाय चुनाव में आजमगढ़ जिले में प्रयोग के तौर पर लागू किया गया था। इलेक्शन कमीशन ने ऋतु के इस काम की सराहना की थी। विश्व दिव्यांग दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन्हें सम्मानित भी किया था। ऋतुु बताती हैंं, कि ‘बूथ दोस्त’ नाम से एक मोबाइल एप तैयार किया था, चुनाव में लागू किया गया। ये फ्री ऑनलाइन एप है। इसके जरिए आजमगढ़ सदर और तहसील के लोगों ने दिव्यांगों को ट्रेस कर लिया गया था और उनसे फार्म भरवाकर उनसे वोटिंग कराई गई।

ऐप की मदद से बने 30 हजार नए वोटर

ऋतु बताती हैं कि, मैंने इस एप के जरिए 30 हजार नए वोटर बनवाए थे, जो कि दिव्यांग थे। ऐप को तैयार करने से पहले मैंने मातृत्व देखरेख के लिए 2 मोबाइल एप ‘कुपोषण का दर्पण’ और ‘प्रेगनेंसी का दर्पण’ तैयार किया था। ये दोनों भी निशुल्क ऐप हैं। इस एप का प्रेग्नेंट वुमन को काफी फायदा पहुंचा। उसी टाइम मुझे लगा कि क्यों न दिव्यांगों के लिए भी इस तरह का कुछ किया जाए। 

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस