आगरा, जेएनएन। यूपी बार कौंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह के भतीजे पार्थ ने हत्यारोपित मनीष शर्मा पर कई आरोप लगाए हैं। कहा कि वो वादकारियों के पैसे में घपला करता था। दो महीने पहले हिसाब-किताब मांगने पर विवाद बढ़ गया था। मनीष ने कई बार दरवेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी। 

मलावन थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर की मूल निवासी दरवेश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे तरक्की के पायदान निरंतर चढ़ती रहीं। वे यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष पद पर चंद रोज पहले ही निर्वाचित हुई थीं। बुधवार को आगरा के दीवानी परिसर में उनके साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने गोलियों से भून दिया था। खुद भी एक गोली मार ली थी। गंभीर स्थिति में वो गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती है।

इधर, दरवेश के भतीजे पार्थ यादव ने 'जागरणÓ से बातचीत में कहा कि दरवेश का सारा कामकाज मनीष शर्मा ही देखता था। वह हम साये की तरह दरवेश के इर्द-गिर्द ही मंडराता था। दरवेश उस पर पूरा भरोसा करती थीं। वादकारियों से जो पैसा आता था, उसका हिसाब-किताब मनीष ही रखता था। दो महीने पहले जब हिसाब-किताब मांगा तो मनीष हेराफेरी में फंस गया। इस पर दरवेश ने उसके घर जाकर पोल खोलने की धमकी दी थी। पार्थ का आरोप है कि मनीष ने कई बार दरवेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी। कहा कि अगर दरवेश की सुरक्षा की जाती तो हत्या नहीं होती।

मनीष, उसकी पत्नी समेत तीन नामजद

उप्र बार कौंसिल अध्यक्ष दरवेश सिंह की हत्या में उनके भतीजे सनी यादव ने दर्ज कराई रिपोर्ट में अधिवक्ता मनीष शर्मा, उसकी पत्नी समेत तीन लोगों को नामजद किया है।

खंदारी के गणपति अपार्टमेंट निवासी सनी यादव की तहरीर के अनुसार, उनकी बुआ दरवेश सिंह उप्र बार कौंसिल अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद आगरा आई थीं। बुधवार को दीवानी परिसर में वकीलों ने उनके स्वागत में समारोह रखा था। समारोह के बाद वे वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में बैठी थीं। उनके साथ कई अधिवक्ता और परिवारीजन मौजूद थे। तभी अधिवक्ता मनीष शर्मा आया और उसने एक फायर रिश्तेदार मनोज यादव पर किया, जिससे वह झुक कर बचा गया। इसके बाद मनीष ने ताबड़तोड़ कई फायर बुआ दरवेश पर कर दिए। इसके बाद एक गोली खुद को मार ली।

सनी के अनुसार, मनीष की पत्नी वंदना शर्मा पूर्व में दरवेश सिंह को फोन पर जान से मरवाने की धमकी दे चुकी थीं। मनीष ने उसकी बुआ के चैंबर पर भी कब्जा कर रखा था। दरवेश के स्वागत से पूर्व अधिवक्ता विनीत गुलेच्छा मनीष शर्मा को उसके घर से साजिश के तहत लेकर आया था। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।

पुलिसकर्मी की भूमिका पर भी सवाल

हत्याकांड के बाद गुरुवार को पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता तथा राज्यपाल के ओएसडी रहे अरविंद मिश्रा के बयान भी लिए। चूंकि घटनाक्रम उनके ही चैंबर में हुआ था इसलिए पुलिस ने उनसे बारीकी से एक-एक बात की जानकारी ली। इधर मामले में एक पुलिसकर्मी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पड़ोसी जिले मैनपुरी में तैनात इंस्पेक्टर सतीश यादव भी उस समय दरवेश यादव के साथ बैठे थे। जब मनीष शर्मा चैंबर में दाखिल हुआ तो सतीश को देखकर ही आपा खो बैठा था। उसने छूटते ही पूछा कि ये यहां क्या कर रहा है? लिहाजा घटनाक्रम के तार इंस्पेक्टर सतीश यादव से भी जुड़ रहे हैं। 

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Posted By: Prateek Gupta

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