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आगरा: प्रेमिका के इलाज पर खर्च किए 80 लाख, NEET की तैयारी करते-करते करने लगा ट्रेनों में चोरी

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 15 Sep 2026 05:38 PM (IST)

जीआरपी आगरा कैंट ने ट्रेनों में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें नीट की परीक्षा दे ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, आगरा। जीआरपी आगरा कैंट ने नीट की परीक्षा दे चुके ट्रेनों में यात्रियों के साथ घटनाएं करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पीलीभीत निवासी पुनीत और लखनऊ के आकाश को गिरफ्तार किया है। पुनीत ने अपनी प्रेमिका के कैंसर के उपचार में 80 लाख रुपये खर्च कर डाले।

विलासितापूर्ण जीवनशैली जीने की आदत ने उसे चोर बना दिया। संपन्न परिवार से संबंध रखने वाले आरोपित पुनीत के सेवानिवृत्त सूबेदार, भाई वायुसेना में और बहन डाक्टर हैं। आरोपित पुनीत खुद भी नीट की परीक्षा दे चुका है।

ट्रेनों में चोरी करने वाले पुनीत ने प्रेमिका के कैंसर के उपचार में खर्च 80 लाख रुपये खर्च कर दिए थे। सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि कैंट पर ट्रेनों में 29 घटनाएं करने वाले पीलीभीत निवासी शातिर पुनीत और लखनऊ के उसके साथी आकाश को गिरफ्तार किया है। दोनों ट्रेनों में महिला यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे

नीट की परीक्षा दे चुका पुनीत परिवार से संपन्न है। उसके पिता सेवानिवृत्त सूबेदार, भाई वायुसेना में और बहन डाक्टर हैं। वह लग्जरी जीवनशैली जीने का अभ्यस्त होने के चलते चोरियां करने लगा था। लखनऊ, बरेली और प्रयागराज से पूर्व में जेल जा चुका है। आरोपितों से लगभग 25 लाख के जेवरात बरामद किए हैं।

दोनों ने इस वर्ष एक अगस्त को मथुरा रेलवे स्टेशन और वर्ष फरवरी में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के बैग से लाखों के जेवरात चोरी किए थे। पुनीत ने बताया कि उसने कोरोना काल में लखनऊ में हुक्का बार भी खोला था। मगर, कोराेना के चलते नुकसान होने पर उसे हुक्का बार बंद करना पड़ा। यहां उसकी मुलाकात आकाश से हुई थी।

इधर, उसकी प्रेमिका को कैंसर हो गया था। उसके उपचार में भी लगभग 80 लाख रुपये खर्च हो गए थे। वह विलासितापूर्ण जीवनशैली का अभ्यस्त हो चुका था। लोगों का उस पर लाखाें रुपये कर्जा हो गया था। जिसके चलते पांच वर्ष पहले वह ट्रेनों चोरी करने लगा। वह सिर्फ महिला यात्रियों के बैग पर नजर रखता था

महिलाएं बैग में जेवरात रखती हैं, वह बैग की चेन खोलकर उसमें रखा उनका छोटा पर्स निकाल लेता था। जिसमें जेवरात होते हैं। छोटा पर्स वह साथी आकाश को पकड़ा देता था। जो ट्रेन से उतरने के बाद तत्काल गायब हो जाता था।