आगरा, जागरण संवाददाता। लॉकडाउन के दौरान साइबर शातिर लोगों से ठगी के नए- नए फंडे अपना रहे हैं।कोराेना वायरस संक्रमण को लेकर सर्जिकल से जुड़े उत्पाद की बाजार में जबरदस्त मांग है। साइबर शातिरों ने इस बार सर्जिकल के व्यापारी को शिकर बना लिया। उसे मॉस्क,ग्लब्स समेत अन्य उत्पाद भेजने का झांसा देकर अपने खाते में 2.80 लाख रुपये जमा करा लिए। रकम देने के बावजूद सामान नहीं आने पर व्यापारी को धोखाधड़ी का पता चला। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत की है।

सिकंदरा क्षेत्र के व्यापारी घर से ही सर्जिकल का कारोबार करते हैं। वह देहरादून की एक कंपनी से अपना सामान मंगवाते हैं। इसके लिए कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति से संपर्क करते थे। व्यापारी ने एक सप्ताह पहले कंपनी के एजेंट को फोन किया। उसे मॉस्क और ग्लब्ज समेत अन्य सामान का आर्डर दिया। एजेंट ने कंपनी बंद होने कीी कहा, व्यापारी को एक व्यक्ति का फोन नंबर दिया। व्यापारी को बताया कि इस नंबर पर बात करके दूसरी कंपनी को वह अपना आर्डर बुक करा सकते हैं।

इस पर व्यापारी ने दिए गए नंबर पर फोन किया। उस व्यक्ति ने कंपनी का नाम बताया। व्यापारी ने गूगल पर कंपनी के बारे में पता किया तो उसका नाम सही था। व्यापारी ने छह लाख रुपये का आर्डर दे दिया। व्यक्ति द्वारा दिए खाता संख्या में 2.80 लाख रुपये जमा करा दिए। व्यापारी ने बाकी रकम माल डिलीवरी के बाद देने की कहा। जब दो दिन बाद भी माल नहीं आया तो व्यापारी ने फोन किया। उक्त व्यक्ति का मोबाइल नंबर बंद था। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत की। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि उक्त खाता सुल्तानपुर के एक युवक का है। पुलिस खाता धारक से बात करके खाते में लेन-देन फ्रीज करा दिया। खाता धारक से रकम वापस व्यापारी के खाते मे जमा करने की कहा गया है।

लाटरी निकलने का झांसा देकर ठगी का प्रयास

साइबर शातिरों ने हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी को कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा देकर ठगी का प्रयास किया। पदाधिकारी मुन्ना मिश्रा के पास सोमवार को एक वाट्सएप कॉल आयी। फोन करने वाले ने उन्हें बताया कि उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख की लाटरी जीती है। चेक तैयार हो गया है, उन्हें भारत सरकार के सिक्योरिटी मनी के रूप में 16 हजार 500 रुपये जमा करने होंगे। इसके लिए उन्हे एक खाता नंबर भी बताया। इसके बाद चेक की फोटो, केबीसी और अमिताभ बच्चन की फोटो वाला प्रमाण पत्र और कुछ वीडियो भेजे। पदाधिकारी ने अपने परिचितों से जानकारी की तो उन्हे बताया गया कि यह साइबर शातिरों की चाल है। 

Posted By: Tanu Gupta

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