आगरा, जागरण संवाददाता। टिक- टॉक गिफ्ट रिचार्ज के नाम साइबर शातिरों ने युवक को अपना शिकार बना लिया। उनके एटीएम कार्ड की डिटेल हासिल करने के बाद अपने खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। मामले में पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।

सदर के देवरी रोड निवासी राजेंद्र घिल्डियाल ट्रैवल एजेंसी मालिक है। राजेंद्र के अनुसार उनके छोटे भाई अरुण दिल्ली में एक कंपनी मे काम करते हैं। अरुण ने शुक्रवार को अपने दोस्त को गिफ्ट देने के लिए टिक-टॉक रिचार्ज कराया। इसमें उनके डेबिट कार्ड का प्रयोग किया था। इससे उनके एटीएम का पासवर्ड साइबर शातिरों तक पहुंच गया। उन्होने उनके खाते से दो बार में 12 हजार रुपये निकाल लिए।

रकम निकालने का मैसेज आने पर उन्होंने तत्काल बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके डेबिट कार्ड को ब्लॉक कराया। इससे शातिर खाते से ओर रकम नहीं निकाल सके। राजेंद्र के अनुसार उन्होंने साइबर सेल में मामले की शिकायत की है।

हर बार नया पैंतरा अपना रहे साइबर शातिर

खाते से रकम निकाने के लिए साइबर शातिर हर बार नया पैंतरा अपना रहे हैं। लॉकडाउन से पहले वह पेटीएम एकाउंट और केवाइसी अपडेट करने का मैसेज भेज कर ठगी रहे थे। लॉकडाउन के बाद वह परिचित और रिश्तेदार बनकर लोगों से मदद के नाम पर ठगी करने लगे। अभी वह रिश्तेदार बनकर खाते में रकम ट्रांसफर करने के बहाने लोगों को अपने जाल में फांस रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान इस तरह के दर्जनभर से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कुछ दिन पहले आधा दर्जन से अधिक लोग रिश्‍तेदार के नाम पर ठगी के शिकार हुए थे। मौसा या अन्‍य रिश्‍तेदार या फिर उनका नजदीकी बताकर साइबर अपराधी द्वारा लोगों से रुपयेे ऐंठने की वारदात सामने आई थी। साइबर एक्‍सपर्ट लोगों से बार बार अपील कर रहे हैं कि अंजाने नंबर या अपरिचित को अपने एकाउंट की डिटेल न दें। ऑनलाइन लेन देन में अतिरिक्‍त सावधानी बरतें।  

Posted By: Tanu Gupta

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