आगरा, जागरण संवाददाता। लॉकडाउन के सन्‍नाटे का फायदा उठा दो बालिकाओं को वधू बनाया जा रहा था। बालिकाएं दुल्‍हन के लिबास में थीं, हाथों में मेहंदी सजी थी, यहां तक कि दरवाजे पर बरात तक आ गई थी। गनीमत रही कि समय रहते कानूूून के पहरेदार पहुंच गए और मासूम बालिकाओं की जिंदगी मुरझाने से पहले ही बचा ली। खंदौली और बाह में बालिका वधू के विवाह की तैयारी थी। दोनों के दरवाजों पर बरात आ चुकी थी। चाइल्ड लाइन को सूचना मिलने पर उसने पुलिस की मदद से शादियां रुकवाकर दोनों को बालिका वधू बनने से बचा लिया।

चाइल्ड लाइन समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि हेल्प लाइन नंबर पर रविवार की सुबह फोन आया। इस पर बाह के एक गांव में बालिका की शादी होने की जानकारी दी गयी। उन्होंने मानव तस्करी निरोधक शाखा (एएचटीयू) को बताया। इसके बाद थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने गांव पहुंचकर जांच की तो सूचना सही पायी गयी। पुलिस ने बालिका के स्वजनों को शादी करने से मना किया।इसके साथ ही प्रधान को भी नजर रखने के हिदायत दी। वहीं दूसरी सूचना शनिवार की रात आयी। इसमें खंदौली के एक गांव में बालिका की बरात आने की सूचना दी गयी। पुलिस को मौके पर भेजकर बालिका की शादी को रुकवाया गया। परिजनों को समझाकर रिश्‍तेदारों को लौटवाया गया। 

लॉकडाउन में आयी छह सूचना

लॉकडाउन में चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर पर बालिका वधू की बरात आने की छह सूचना आयीं। पुलिस को जांच के लिए मौके पर भेजने पर कई सूचना गलत भी पायी गईं।

सिपाही की ईमानदारी

मानव तस्कर निरोधक शाखा के कांस्टेबिल दीपक कुमार की ईमानदारी ने गांव वालों को प्रभावित किया। वह खंदौली से लौट रहे थे। इसी दौरान एक बाइक सवार का मोबाइल उसकी जेब से गिरते देखा।उन्होंने आवाज दी लेकिन युवक नहीं रुका। इस पर दीपक ने उसके मोबाइल में मिले नंबर से संपर्क करके फाेन लौटाया। 

Posted By: Tanu Gupta

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