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सवालों के घेरे में Wildlife SOS, तेंदुए की खाल तस्करी में आया नाम; मप्र की STSF कर रही जांच

By Sumit Kumar Dwivedi Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 18 Aug 2026 09:49 PM (IST)

मध्य प्रदेश एसटीएफ की जांच में वाइल्डलाइफ एसओएस पर तेंदुए की खाल तस्करी मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। गिरफ्तार ...और पढ़ें

आगरा में तेंदुओं की खाल के साथ पकड़े गए तस्कर।

आगरा में तेंदुओं की खाल के साथ पकड़े गए तस्कर।

जागरण संवाददाता, आगरा। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) की जांच में वाइल्डलाइफ एसओएस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। 23 जुलाई को सैंया से चार तस्करों से जब्त की गई तेंदुए की 10 खालों के मामले में गिरफ्तार दो आरोपितों ने वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण का नाम लिया है।

अब अधिकारियों का ध्यान इस ओर है कि क्या संस्था ने अपनी छवि और धन जुटाने के लिए शिकार का आयोजन कर जब्ती का ‘नाटक’ किया था। वाइल्डलाइफ एसओएस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह वन विभाग को पूरी तरह सहयोग कर रहा है।

सैंया से 23 जुलाई को ग्वालियर-आगरा हाईवे स्थित एक होटल से चार लोगों को तेंदुए की 10 खालों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय वाइल्डलाइफ एसओएस ने अपनी फारेस्ट वाच एंटी-पोचिंग यूनिट की महीनों की निगरानी का श्रेय लिया था। ऐसे में तेंदुए की खालें मध्य प्रदेश से जुड़ी थीं, इसलिए एसटीएसएफ ने भी जांच शुरू की

जांच में शिवपुरी और मुरैना के जंगलों में तेंदुओं के अवशेष मिले, जिन्हें डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजा गया है। इस मामले में भगवान सिंह उर्फ सलीम और उनके सहयोगी वसीम को गिरफ्तार किया गया। हिरासत के दौरान लिए गए बयान में उन्होंने बताया वे सीईओ कार्तिक सत्यनारायण के निर्देश पर काम कर रहे थे।

एसटीएसएफ ने सत्यनारायण को 17 अगस्त को शिवपुरी में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का नोटिस भेजा है। जांच अधिकारियों का कहना है पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिले हैं जो इस आपरेशन को निजी लाभ से जोड़ते हैं। मध्य प्रदेश की मुख्य वन्यजीव संरक्षक समीता राजौरा ने कहा दोनों मुख्य आरोपियों ने वाइल्डलाइफ एसओएस के पेरोल पर होने की बात कही है

डीएफओ राजेश कुमार ने कहा कि एसटीएसएफ ने वाइल्डलाइफ एसओएस के खिलाफ कुछ साक्ष्य मिलने की बात कही है। वाइल्डलाइफ एसओएस ने 17 अगस्त को जारी बयान में आरोपों को खारिज किया और कहा कि यह संस्था कानून और न्याय का पालन करने वाली है। सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास जताया है।