आगरा, जेएनएन। दुनियाभर में प्रसिद्ध ब्रज की लठामार होली यूं ही खास नहीं। परंपराओं का आज भी निर्वहन इसे खास बनाता है। इस वर्ष भी शुक्रवार को होने जा रही लठामार रंगीली होली में प्रिया-प्रियतम अपने ग्वालों व सखियों के साथ होली खेलने आएंगे। होली खेलने के दौरान दोनों मंदिर बंद रहेंगे। जब तक उनकी प्रतीकात्मक ध्वजा होली खेलकर वापस मंदिर में नहीं पहुंचेगी, भोग भी नहीं लगाया जाएगा। उसके बाद ही मंदिर खुलेंगे।

ध्वजा वसंत पंचमी के दिन ही मंदिर में लगाई जाती है। इसी ध्वजा के साथ नंदगांव के हुरियारे होली खेलने बरसाना आते हैं। इस दिन करीब दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक मंदिर के पट बंद रहते हैं। भाव यह है कि नंदलाल अपने सखाओं के साथ होली खेलने बरसाना गए हैं। जब तक नंदबाबा मंदिर की ध्वजा बरसाना से लौट नहीं आती, तब तक कृष्ण को बंशी और छड़ी धारण नहीं कराई जाती। भोग भी नहीं लगता।

इसी तरह बरसाना के लोग फगुआ मांगने के लिए होली खेलने नंदगांव आते हैं तो राधारानी मंदिर के भी पट, ध्वजा वापस आने तक बंद रहते हैं। ध्वजा के नेतृत्व में ही दोनों गांवों के मुखिया होली का शुभारंभ करते हैं।

ये है मान्यता

नंदगांव के गोस्वामी समाज के मुखिया छैल बिहारी गोस्वामी कहते हैं कि बरसाना की लठामार होली खेलने नंदलाल हमारे साथ पैदल जाते हैं। ध्वजा नंदलाल का ही प्रतीक होता है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण स्वयं होली खेलने गए हैं। जब तक बरसाना से ध्वजा वापस मंदिर में नहीं आ जाती, तब तक कृष्ण को न तो शयन कराया जाता है न भोग लगाया जाता है।

वहीं मुखिया रामभरोसी गोस्वामी ने बताया कि बरसाना की लठामार होली के दिन राधारानी चंद्रिका धारण नहीं करती। मान्यता है कि किशोरी जी कृष्ण के साथ होली खेलने गई हैं।

राधा भेजेंगी श्याम को आज होली खेलने का न्यौता

श्यामा श्याम के अनुराग पर्व रंगीली होली का आनंद उठाने को हर कोई लालायित है। गिरधर की होली लीला का रसास्वादन करने के लिए लाखों लोग बरसना आएंगे। बरसाना से नंदगांव को होली का गुरुवार को न्यौता भेजा जाएगा। न्यौता मिलने के बाद नंदगांव का पंडा श्रीजी को न्यौता स्वीकार किए जाने की जानकारी देने को जाएगा। इसके साथ ही होली का धमाल शुरू हो जाएगा। पहले लड्डुओं की होली खेली जाएगी। परंपरानुसार वृंदावन की एक राधादासी सखी निमंत्रण लेकर गुरुवार की सुबह बरसाना से नंदगांव जाएगी। सखी हांडी में गुलाल, प्रसाद, पान बीड़ा और इत्र भी ले जाएगी। गुलाल को नंदगांव के घर-घर में बांटा जाएगा। नंद भवन में सखी का स्वागत किया जाएगा। राधा सखी के होली निमंत्रण को स्वीकृति प्रदान करने के लिए नंद भवन से एक पंडा शाम को बरसाना पहुंचेगा। राधाजी के निज महल में संदेशा लाने वाले दूत (पंडा) की खातिर की जाएगी। राधाजी पंडा को लड्डू खाने को देती हैं। वह खुशी से नाचने लगता है और लड्डू खाने के बजाय लुटाने लगता है। तभी से लड्डू होली की शुरुआत हुई थी। लड्डू होली में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

 

Posted By: Prateek Gupta

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