आगरा, मनोज चौधरी। मथुरा-झांसी के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए किसानों की भूमि क्रय की जाएगी। मथुरा में पांच गांव में रेलवे ने क्रय की जाने वाली भूमि चिन्हित कर ली है। कीठम से लेकर भांडई रेलवे स्टेशन के बीचजमीन नहीं मिल रही है। जहां-जहां जमीन उपलब्ध है, वहां कार्य जारी है।

मथुरा-झांसी के बीच बढ़ते रेल ट्रैफिक को देखते हुए अगस्त 2016 में मथुरा से झांसी के बीच तीसरी लाइन बिछाई जा रही है। 4377 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट वर्ष 2021 तक पूरा किया जाना है। 273.80 किमी लंबी रेल लाइन परियोजना पर रेलवे की भूमि पर कार्य जारी है। अड़ंगा उन्हीं स्थानों पर है, जहां पर रेलवे की अपनी जमीन नहीं है। मथुरा में गांव फतिहा, महुअन, बबूरी, अगनपुरा और बादगांव में तीसरी लाइन के लिए रेलवे विकास निगम लिमिटेड ने राजस्व विभाग के साथ सर्वेक्षण कर लिया है। भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। मगर, कीठम, रुनकता, बिल्लोचपुरा, राजामंडी, आगरा कैंट और भांडई रेलवे स्टेशन तक तीसरी लाइन बिछाने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, आगरा में तीसरी रेलवे लाइन बाइपास की तरह से निकाली जाएगी। हालांकि, अभी कीठम से भांडई जंक्शन के बीच रेललाइन को आगरा शहर के बाहरी क्षेत्र में होकर निकाले जाने की प्लाङ्क्षनग नहीं की गई है। रेलवे विकास निगम लिमिटेड ने डीएम कार्यालय को पत्र लिखा है कि उसे तीसरी लाइन बिछाने के लिए जिले के पांच गांव फतिहा, महुअन, बबूरी, अगनपुरा और बादगांव में जमीन अर्जन करनी है। भू-अर्जन के लिए डीएम को पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाना है। इसमें अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, उपजिलाधिकारी, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, रजिस्ट्रार और एक रेलवे विकास निगम का अधिकारी शामिल होगा। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मथुरा झांसी तृतीय रेल लाइन परियोजना के लिए भू अर्जन किए जाने के संबंध में रेलवे विकास निगम लिमिटेड का पत्र प्राप्त हुआ है। मगर, अभी प्रस्तावित जमीन का कोई प्रस्ताव रेलवे विकास निगम की तरफ से प्राप्त नहीं हुआ है। रेलवे विकास निगम ने जो जमीन प्रस्तावित की है। उसका ब्यौरा मांगा जा रहा है।

 

Posted By: Tanu Gupta

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