आगरा, जेएनएन। वुहान से कुछ समय पहले रेस्‍क्‍यू कर लाए गए दंपती को अपने ही गृह जनपद में पर्याप्‍त चिकित्‍सा सुविधा नहीं मिल रहीं। अनदेखी का आरोप लगाते हुए जलेसर की नेहा यादव बिना रिपोर्ट आए गुरुवार रात आइसोलेशन वार्ड से चली गईं। इसे लेकर चिकित्सकों और दंपती के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। प्रशासन और पुलिस के दबाव बनाने पर वह शुक्रवार दोपहर के समय वापस आ गईं। स्वास्थ्य की जांच रिपोर्ट रात तक मिलने की बात कही गई है।

जलेसर निवासी डॉ. आशीष यादव अपनी पत्नी नेहा यादव के साथ चीन के वुहान में रहते थे। 27 फरवरी को ये दोनों भारत पहुंचे। दिल्ली में उन्हें आइटीबीपी के कैंप में रखकर जांचें कराई गईं। सबकुछ सामान्य मिलने पर उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई और वह 14 मार्च को घर आ गए। यहां स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अपने घर में 14 दिन तक अलग रहने की हिदायत दी थी। तीन दिन पहले नेहा को खांसी-जुकाम की समस्या हुई। उन्होंने इसकी सूचना गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग को दी। इस पर एंबुलेंस भेजकर उन्हें जिला अस्पताल बुलाया गया, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक न मिलने की बात कहकर ये लोग लौट गए। इसके बाद पुलिसबल भेजकर उन्हें शाम के समय फिर बुलाया गया। शाम करीब सात बजे उनके सैंपल लिए गए। इसके बाद नेहा और आशीष जाने की जिद करने लगे। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें समझाया, लेकिन वे कुछ मानने को तैयार नहीं थे और विवाद की स्थिति बन गई। इस पर अस्पताल से पुलिस को सूचना भेजी गई। काफी देर तक पुलिस नहीं आई। दो घंटे तक चली नोकझोंक के बाद आखिर ये लोग अस्पताल से चले गए।

शुक्रवार को फोन करने पर उनका कहना था कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही अस्पताल आएंगे। बाद में दबाव बनाए जाने पर दोपहर के समय ये लोग अस्पताल पहुंचे। जहां नेहा को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया। सीएमएस डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि देरशाम तक अलीगढ़ से जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। संदिग्ध केस की स्थिति में उनका 14 दिन आइसोलेट रहना जरूरी है। 

Posted By: Prateek Gupta

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