आगरा, जागरण संवाददाता। पूर्व केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जगमोहन का निधन मंगलवार की सुबह हो गया। ताजनगरी से भी उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। ताजमहल और ताजनगरी के लिए वो पूर्ण समर्पित थे। उन्होंने ताजमहल और आगरा किला जैसी विश्व धरोहरों को बचाने के लिए मायावती सरकार द्वारा यमुना के डूब क्षेत्र में बनवाए जा रहे ताज हेरिटेज कारीडोर के काम को रुकवाया था। वहीं, विश्व धरोहर स्थल ताजमहल में रायल गेट के बायीं तरफ बनी भारत के विश्व धरोहर स्थलों की चित्र दीर्घा उन्हीं की देन है।

वाजपेयी सरकार में जगमोहन वर्ष 2001 में सितंबर-नवंबर तक पर्यटन मंत्री और नवंबर, 2001 से अप्रैल, 2004 तक संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री रहे थे। उप्र में वर्ष 2002-03 में बसपा की सरकार थी, जिसे भाजपा का समर्थन था। बसपा सरकार में वर्ष 2002 में ताजमहल और आगरा किला के बीच यमुना के डूब क्षेत्र में ताज हेरिटेज कारीडोर का 175 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया था। नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कंपनी को इसका काम सौंपा गया था। दिसंबर, 2002 से जून, 2003 तक करीब छह माह यहां काम चला था। ताजमहल के इतना नजदीक डूब क्षेत्र में काम पर सवाल खड़े होने पर जगमोहन ने मायावती सरकार को प्रोजेक्ट का काम रुकवाने का आदेश किया था। टूरिज्म गिल्ड आफ आगरा के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना बताते हैं कि जगमोहन का सबसे बड़ा काम आगरा किला और ताजमहल के बीच मायावती सरकार में चल रहे ताज हेरिटेज कारीडोर के काम को वर्ष 2003 में रुकवाना था। इस फैसले से उन्होंने भारत की दो विश्व धरोहरों को बचाने का काम किया था। मेहताब बाग और उसके आसपास विकास कार्य उन्हीं के समय हुए। शिल्पग्राम को उद्योग विभाग के एग्जीबिशन ग्राउंड तक सीमित न रखते हुए उन्होंने वर्तमान स्वरूप दिलाना और ताज पूर्वी गेट के प्रयोग को बढ़ावा देना उन्हीं के प्रयासों से हुआ।

आगरा किला के बंद हिस्सों को खुलवाने की मांग की थी

एप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुद्दीन बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री जगमोहन मौके पर तुरंत निर्णय लेते थे। उनकी एक विजिट में मैं उनके साथ रहा था। उन्हें कारिडोर पर बसपा सरकार द्वारा किए जा रहे काम के बारे में बताया था, जिस पर उन्होंने आश्चर्य जताया था। उनसे दिल्ली के लाल किले के समान आगरा किला को सेना से खाली कराने और आगरा किला के बंद हिस्सों को पर्यटकों के लिए खुलवाने की मांग की गई थी।

ताज को देन है विश्व धरोहरों की चित्र दीर्घा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से वरिष्ठ संरक्षण सहायक के पद से सेवानिवृत्त हुए आरके दीक्षित बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री जगमोहन के कार्यकाल में वो ताजमहल में तैनात थे। केंद्रीय मंत्री के आदेश पर ही ताजमहल में रायल गेट के बायीं तरफ बने बरामदे में भारत के विश्व धरोहर स्थलों की चित्र दीर्घा तैयार कराई गई थी। इसके पीछे उनकी सोच थी कि ताजमहल देखने आने वाले भारतीय और विदेशी सैलानियों को देश की धरोहरों के बारे में जानकारी मिलेगी और वो वहां जाने को प्रेरित होंगे, जिससे पर्यटन बढ़ेगा। ताजमहल के पीछे यमुना किनाने नजर आने वाली गंदगी के ऊपर गार्डन बनाने का काम भी उन्हीं के निर्देशों पर किया गया था। उनकी खास बात यह थी कि वो सभी आदेश लिखित में दिया करते थे, जिससे कि अधिकारी व कर्मचारियों पर कोई आंच नहीं आए।

चाय-काफी नहीं, पीते थे लिम्का

ताजमहल में तैनात पुराने कर्मचारी बताते हैं कि वो जब भी ताजमहल आते थे, तो चाय या काफी नहीं, लिम्का पिया करते थे। जेब में वो फोल्डिंग कंघी रखते थे और उससे बालों को संवारते थे। 

Edited By: Tanu Gupta