आगरा: मिलन वाटिका में चल रहे किन्नरों के राष्ट्रीय सम्मेलन में गुरुवार को कलश यात्रा निकाली गई। इसमें करीब तीन हजार किन्नर शामिल हुए। सभी सुबह गोकुलपुरा स्थित प्राचीन ताल मंगलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचे और विधि विधान से पूजा कर यात्रा की शुरुआत की। यात्रा अहीरपाड़ा से चलकर बलका बस्ती, राजामंडी होते हुए एमजी रोड स्थित नागरी प्रचारिणी पहुंची वहां से सभी वाहनों से कार्यक्रम संयोजक इंद्राबाई के गजानन नगर, सिर की मंडी स्थित आवास पहुंचेंगे और उसके बाद मिलन वाटिका पहुंचे। बता दें कि कलश यात्रा आयोजन का प्रमुख आकर्षण होती है और इसमें सभी किन्नर अपने स्वर्ण आभूषणों एवं सुंदर परिधानों से सजकर कलश यात्रा में हिस्सा लेते हैं और जगत के कल्याण की कामना करते हैं।

टैटू की दीवानगी

टैटू की दीवानगी खेरिया मोड़ स्थित मिलन वाटिका में चल रहे किन्नर सम्मेलन में भी देखने को मिल रही है। आलम यह है कि कार्यक्रम में शामिल होने आए करीब 30 फीसद युवा किन्नरों के शरीर पर टैटू गुदा हुआ है।

भिंड से आईं किन्नर प्रिया ने बताया कि उन्होंने अपनी कमर में टैटू बनवाया है। इससे उनकी पर्सनालिटी और ज्यादा आकर्षक लगती है। उनके बाद कई और साथियों ने भी टैटू बनवाया।

कमर, पीठ और पैर में टैटू

किन्नरों ने सबसे ज्यादा टैटू कमर, पीठ और पैरों में बनवाए हैं। हालांकि हाथ के साथ कंधे के पास भी कई टैटू बनवाएं हैं। सभी का कहना है कि वह जितने आकर्षक और अपडेट रहेंगे, लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता भी उसी तरह बढ़ेगी। तभी उन्हें दुआओं के बदले में अच्छी नेग मिलेगी।

बदलती सोच का संकेत

डेरा गुरु हरिया बाई ने बताया कि सभी किन्नरों को डेरे के नियमों को मानना पड़ता है और वह मानते भी हैं। हालांकि पहले टैटू के लिए हर गुरू अनुमति नहीं देता था, लेकिन अब वक्त को देखते हुए इजाजत देनी शुरू कर दी है।

Posted By: Jagran

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