आगरा, जागरण संवाददाता। स्कूल के बच्चे और टीचर्स महीने में एक बार अगर खादी पहने दिखाई दें तो आप क्या सोचेंगे। किसी कार्यक्रम की तैयारी या स्कूल का कोई फैंसी ड्रेस होगा। अब ये सोच आपको बदलनी पड़ेगी। सीबीएसई बोर्ड ने देश भर के अपने स्कूलों को निर्देश जारी किया है कि उनके स्कूल के बच्चे और शिक्षक महीने में एक बार खादी पहनेंगे।

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को समर्पित करते हुए सीबीएसई बोर्ड के सेक्रेटरी अनुराग ठाकुर ने स्कूलों के लिए ये सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार सीबीएसई से संबद्ध स्कूल अपनी इच्छा से महीने में एक दिन अपने यहां टीचर्स और स्टूडेंट्स को खादी पहनने के लिए कहेंगे। जारी निर्देश लिखा है कि महात्मा गांधी ने कहा था कि खादी हमें एकजुट करती है। खादी हमारे देश की विरासत है। देश भर में कई हाथों को खादी के कारण ही रोजगार मिल रहा है। खादी पहनने वाले बिना किसी भेद-भाव के एकजुट रहते हैं। खादी हस्तनिर्मित है और त्वचा के लिए काफी आराम दायक है। इसमें किसी भी तरह के कैमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। विद्यार्थियों को मिल सकती है छूट

निर्देश में कहा गया है कि चूंकि विद्यार्थियों को स्कूल में यूनीफॉर्म पहननी होती है। इसलिए वे खादी से बने किसी भी उत्पाद को धारण करें। वो एक रूमाल भी हो सकता है या खादी का बैग भी हो सकता है। शहर में खादी की सात दुकानें

शहर में श्री गांधी आश्रम की सात दुकानें हैं। इन दुकानों पर साल भर में दो से ढाई करोड़ का कारोबार होता है। कॉटन खादी से लेकर सिल्क खादी तक यहां बिकता है। सीबीएसई बोर्ड के सर्कुलर के बाद स्कूल वालों को अपने स्टाफ के लिए थोक में खादी खरीदनी होगी या टीचर्स अपनी पसंद अनुसार कुत्र्ता या साड़ी खरीद सकते हैं। इससे कारोबार भी बढ़ेगा। सीबीएसई के 100 से ज्यादा स्कूल

ताजनगरी में सीबीएसई के छोटे-बड़े मिलाकर 100 से ज्यादा स्कूल हैं। कुछ बड़े पब्लिक स्कूल हैं। इनमें जीडी गोयंका, डीपीएस, प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, मिल्टन पब्लिक स्कूल, जॉन मिल्टन पब्लिक स्कूल, होली पब्लिक स्कूल, आगरा पब्लिक स्कूल, सेंट एंड्रूज पब्लिक स्कूल आदि शामिल हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या हजारों में हैं। क्या कहते हैं स्कूल निदेशक

सेंट एंड्रूज स्कूल के निदेशक डा. गिरधर शर्मा बताते हैं कि इस निर्देश के बाद हमने अपने स्कूल मैनेजमेंट में बात की है। इसे अमली जामा पहनाने के लिए हम तैयारी कर रहे हैं। जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के प्रिंसीपल पुनीत वशिष्ठ बताते हैं कि हम महीने के अंतिम दिन खादी पहनेंगे। टीचर्स को निर्देश दे दिए गए हैं। अभिभावकों को भी कहा गया है कि वे खादी को प्रमोट करने के लिए बच्चों को कुछ ना कुछ खादी का जरूर लेकर दें।

Posted By: Jagran

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