आगरा(जेएनएन): एससी-एसटी एक्ट के तहत किसी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस फर्जी मुकदमा दर्ज करती है तो अवगत कराएं। जांच कराकर न्याय दिलाया जाएगा। यह कहना था एससी आयोग के अध्यक्ष एवं सांसद रामशंकर कठेरिया का।

मंगलवार को सर्किट हाउस में अधिकारियों को एक्ट के मामले में निर्देश देने के बाद सांसद ने मीडिया से कहा कि वर्ष 1989 में बने एक्ट को ही दोबारा संसद में पास किया गया है। कोई बदलाव नहीं किया है। एक्ट किसी तरह से भी नया नहीं है। भाजपा सबका साथ सबका विकास के उद्देश्य से काम करती है। पुलिस को निर्देश दिए हैं कि किसी निर्दोष का उत्पीड़न न हो। अधिकारी निष्पक्ष जांच के बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई करेंगे।

सांसद ने कहा कि एक्ट के खिलाफ सवर्णो का विरोध पूरी तरह से राजनीतिक है। विरोधी दल की साजिश के कारण आंदोलन हो रहा है।

दूसरी जाति के लोग करते हैं एससी का प्रयोग: एससी आयोग अध्यक्ष ने कहा कि अन्य जाति के लोग व्यक्तिगत रंजिश निकालने के लिए दलितों का इस्तेमाल करते हैं। इससे तरह से दलितों का उत्पीड़न होता है। उन्हें बेवजह विवादों में फंसा दिया जाता है।

अधिकारियों से मांगी प्रगति रिपोर्ट

एससी आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ बैठक में सिविल एयरपोर्ट, स्मार्ट सिटी, ताज बैराज और गंगा जल परियोजना की प्रगति के बारे में जाना। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र और प्रदेश दोनों सरकार विकास को गति देना चाहती हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न बरती जाए। इस दौरान आयुक्त अनिल कुमार, डीआइजी लव कुमार, डीएम एनजी रवि कुमार, एसएसपी अमित पाठक आदि मौजूद थे।

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