किसानों पर टिप्पणी मामले में कंगना रनौत के खिलाफ आगरा कोर्ट में हुई सुनवाई, 16 दिसंबर को आ सकता है फैसला
आगरा में, भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ दायर मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। रमाशंकर शर्मा ने कंगना पर किसानों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुईं। निचली अदालत ने पहले परिवाद खारिज कर दिया था, लेकिन सत्र न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली। अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

जागरण संवाददाता, आगरा। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर परिवाद में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने बहस की और तर्क दिए। विशेष मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह ने मामले की अगली सुनवाई को 16 दिसंबर नियत की है। वहीं नियत दिनांक पर आदेश आ सकता है।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं।
महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया था। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट लोकेश कुमार ने रिवीजन याचिका को स्वीकार करने के आदेश दिए।
साथ ही पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। वहीं रमाशंकर शर्मा की ओर से अधिवक्ता एसएस चौहान व प्रेम कुमार ने तर्क दिए कि छह मई को आदेश पारित किए जाने में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी की गई है। उधर, कंगना की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सुधा प्रधान व स्थानीय अधिवक्ता विवेक शर्मा ने भी तर्क दिए।

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