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    दर्दनाक हादसा: सात हजार फीट की ऊंचाई से जूनियर वारंट अफसर ने लगाई छलांग,पैराशूट न खुलने से चली गई जान

    Updated: Fri, 07 Feb 2025 07:08 PM (IST)

    सात हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने के दौरान पैराशूट न खुलने से जूनियर वारंट अफसर जीएस मंजूनाथ की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार सुबह 10 बजे आगरा के सुतेड़ी गांव में हुई। मंजूनाथ वायुसेना स्टेशन आगरा परिसर स्थित पैराट्रूपर्स प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) में प्रशिक्षक थे। भारतीय वायुसेना ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया।

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    पैराजंपर को प्रशिक्षण के दौरान हादसा। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, आगरा। प्रशिक्षु पैराजंपर को प्रशिक्षण के दौरान शुक्रवार सुबह 10 बजे दर्दनाक घटना हुई। पैराशूट न खुलने से जूनियर वारंट अफसर जीएस मंजूनाथ की सुतेड़ी गांव के खेत में गिरकर मौत हो गई। मंजूनाथ वायुसेना स्टेशन, आगरा परिसर स्थित पैराट्रूपर्स प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) में प्रशिक्षक थे।

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    संलूरू गांव (शिमोगा जिला) कर्नाटक राज्य निवासी मंजूनाथ कई साल से यहां तैनात थे। अफसर को ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की मदद से दो घंटे में खोजा गया। नाक से खून निकल रहा था। भारतीय वायुसेना ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

    संलूरू कर्नाटक निवासी 36 वर्षीय जीएस मंजूनाथ पीटीएस में पैराजंपर को प्रशिक्षण देते हैं। लंबे समय से यहां पर तैनात हैं। हर दिन सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर 12 बजे और शाम छह से रात आठ बजे तक प्रशिक्षण होता है। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे प्रशिक्षण शुरू हुआ। सुबह नौ बजे वायुसेना स्टेशन, आगरा से एएन-32 विमान में जूनियर वारंट अफसर जीएस मंजूनाथ व 11 प्रशिक्षु पैराजंपर सवार हुए।

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    सात हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। सभी वारंट अफसर सहित अन्य के पास जीपीएस सहित अन्य उपकरण थे। इन सभी को मलपुरा ड्रापिंग जोन में उतरना था। गाड़ी से वायुसेना स्टेशन आना था। 11 पैराजंपर सुबह 10 बजे तक निर्धारित स्थल पर पहुंच गए लेकिन जूनियर वारंट अफसर नहीं पहुंचे। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।

    पैराशूट न खुलने की वजह से गई मंजूनाथ की जान। जागरण (प्रतिकात्मक तस्वीर)


    जीपीएस से मंजूनाथ की ट्रैकिंग शुरू कर दी गई। जरूरत पर ड्रोन को भी तैयार कर लिया गया। मंजूनाथ की लोकेशन सुतेड़ी गांव के एक खेत में मिली। दोपहर 12 बजे वायुसेना की टीम मौके पर पहुंची। मंजूनाथ की नाक से खून निकल रहा था।

    शरीर में कई चोट थीं। पैराशूट नहीं खुला था। अधिकारी एंबुलेंस से मंजूनाथ को लेकर सैन्य अस्पताल पहुंचे। डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी स्वजन को दी गई। उधर, वायुसेना ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

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    ग्रामीणों को हटाया गया

    जूनियर वारंट अफसर जीएस मंजूनाथ सुतेड़ी गांव की कमलेश देवी के गेहूं के खेत में गिरे थे। वायुसेना की टीम ने उस क्षेत्र को सील कर दिया। ग्रामीणों को हटा दिया गया। मोबाइल से वीडियो बनाने और फोटो खींचने पर रोक लगा दी गई।

    पैराशूट न खुलने की होगी जांच

    जूनियर वारंट अफसर जीएस मंजूनाथ का पैराशूट सुरक्षित रखा गया है। भारतीय वायुसेना की टीम पैराशूट न खुलने की जांच करेगी। आखिर किस वजह से पैराशूट नहीं खुला। रिजर्व पैराशूट न खुलने की वजह क्या है।

    600 से अधिक लगा चुके हैं छलांग

    जूनियर वारंट अफसर मंजूनाथ 600 से अधिक छलांग लगा चुके हैं। वायुसेना स्टेशन आगरा में मंजूनाथ को फ्लाइंग बर्ड का चिह्न मिला था।