खुद हैं मजदूर, दूसरों को देते थे एयरलाइंस और मेट्रो में नौकरी का झांसा, ठगी करने वाले 12 गिरफ्तार
आगरा पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो बेरोजगार युवाओं को एयरलाइंस और मेट्रो में नौकरी का झूठा वादा करके धोखा दे रहे थे। गिरोह के सदस्य खुद मजदूर हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को निशाना बनाते थे। वे पंजीकरण और प्रशिक्षण के नाम पर पैसे वसूलते थे।

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
संसू, जागरण–बाह (आगरा)। एयरलाइंस व मेट्रो में नौकरी का झांसा देकर युवाओं के साथ ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य खुद मजदूरी, हलवाई, माली और भट्ठे पर काम करते थे।
वहीं बेरोजगार युवकों को अच्छी नौकरी कर सपना दिखाते थे। पुलिस ने गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, बायोडाटा, इंडिगो एयरलाइंस के फाॅर्म बरामद किए हैं। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी हुई है।
बसई अरेला थाने में गिर्राज सिंह ने तहरीर देकर टिंकू नाम के युवक पर एयरलाइंस व मेट्रो में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 75 सौ रुपये की ठगी का आरोप लगाया था।
शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो वह नौकरी का झांसा देकर युवकों के साथ ठगी करने वाले गिरोह तक पहुुंच गई। पुलिस टीम ने बुधवार को गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य अब तक 50 से अधिक युवकों को नौकरी का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि गिरेाह के सदस्य सोशल मीडिया पर मेट्रो और एयरलाइंस में नियुक्ति के विज्ञापन देते थे।
इसके बाद संपर्क करने वाले युवकों से 475 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस लेकर फाॅर्म भरवाते थे। फाॅर्म भरने के कुछ समय बाद ज्वाइनिंग लेटर देते समय पांच से 20 हजार रुपये तक वसूलते थे।
रुपये मिलने के बाद ठगी का शिकार हुए युवक को मोबाइल नंबर ब्लाक कर देते थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवकों के मोबाइल फोन से मिले डाटा के अनुसार उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 11 युवकों के साथ ही गुजरात, राजस्थान, बिहार के 50 से अधिक युवकों को शिकार बनाया है।
पुलिस ने आरोपितों के पास से 13 मोबाइल फोन, फर्जी नियुक्ति पत्र, इंडिगो एयरलाइंस के फाॅर्म व ठगी के शिकार हुए युवकों के आधारकार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
कम पढ़े युवक एआइ की लेते थे मदद
थानाध्यक्ष ने बताया गिरोह का सरगना सतीश बीएससी पास है। वह अभी फरार है। गिरोह के अधिकांश सदस्य कक्षा आठ तक ही पढ़े हैं। गिरफ्तार किया गया दिनेश चौथी पास है और हलवाई का काम करता है।
जोगेंद्र दिल्ली की एक नर्सरी में माली का काम करता था और आठवीं तक पढ़ा है। छोटेलाल भी भटठे पर मजदूरी करता था। अन्य आरोपित भी खेती व मजदूरी करता है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना एआइ की मदद से ज्वाइनिंग लेटर, विज्ञापन तैयार करता था।
अन्य सदस्य नौकरी के लिए संपर्क करने वालों से बातचीत से लेकर फाॅर्म भरवाने और ज्वाइनिंग लेटर देने का काम करते थे।
दो ठिकानों पर दबिश देकर इनकी हुई गिरफ्तारी
26 नवंबर को पुलिस ने हनुमान मंदिर के पास स्याही पुरा पिढौरा मार्ग इलाके में दबिश दी। थाना पिढ़ौरा के गांव कांकर ख्याली की मड़ैया निवासी टिंकू, रामनरेश, मनोज, जोगेंद्र, सोनू, धीरज, मदन, रामनजर, सोनू, ब्रजेश, बाबू व छोटे लाल निवासी गांव जवाहर पुरा स्याही पुरा थाना बसई अरेला को गिरफ्तार किया है।

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