आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी कोरोना वायरस का हॉटस्‍पॉट बन चुकी है। कई इलाके रेड जोन घोषित कर सील किए जा चुके हैं। बेशक उत्‍तर प्रदेश में सबसे पहला केस आगरा में ही पाया गया था लेकिन हालात उसके बावजूद नियंत्रित ही थे। विदेश से लौटने वाले इक्‍का-दुक्‍का ही संक्रमित निकल रहे थे और संक्रमण भी सीमित दायरे में ही था। मार्च से लेकर अगर अप्रैल तक की स्थिति की समीक्षा करें तो ताजनगरी में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या में आए उछाल के पीछे निजामुद्दीन में तब्‍लीगी मरकज से हिस्‍सा लेकर लौटे जमाती ही हैं। वर्तमान में ताजनगरी में संक्रमितों का आंकड़ा 65 पर है, इनमें से जमाती और उनके संपर्क में आए लोगाेें की संख्‍या ही 38 है। वहीं अब तक आठ मरीज स्‍वस्‍थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

प्रदेश में नोएडा के बाद आगरा कोरोना वायरस का बड़ा केन्द्र बन चुका है। कोरोना वायरस से जूझ रही एक वृद्ध महिला ने बुधवार को दम तोड़ दिया है। प्रदेश में पहला कोरोना पॉजिटिव का कलस्टर आगरा में मिला था, जिसके बाद एक ही परिवार के पांच कोरोना पॉजिटिव आए, फिर आंकड़ा बढ़ता चला गया और इन सबके पीछे चार अहम वजह रहीं हैं। पहली वजह जमाती, दूसरी विदेश से लौटने वाले व तीसरी व चौथी वजह नामनेर व भगवान टाकिज के पास स्थित प्राइवेट अस्पताल। जमातियों की खबर आने के बाद जब आगरा पुलिस ने ऑपरेशन क्‍लीन चलाया तो मस्जिदों में छुपे तमाम लोग सामने आए। इनकी संख्‍या 1ृ04 पर पहुंच गई। सभी को क्‍वारंटाइन सेंटर में रखा गया है।

विदेश से लौटे चार ने सात को किया संक्रमित

जमातियों की तरह से ही विदेश से लौटने वाले घातक हो रहे हैं। 25 साल से कम उम्र के होने के कारण लक्षण नहीं आ रहे हैं। मगर, इनके संपर्क में आने से स्वजन संक्रमित हो रहे हैं। खंदारी क्षेत्र के जूता कारोबारी के दो बेटे इटली से लौटे, इनसे स्वजन और फैक्र्ट्र्री् के मैनेजर सहित पांच लोग कोरोना से संक्रमित हो गए। 21 मार्च को अमेरिका से लौटे बाइपास क्षेत्र के हॉस्पिटल संचालक के 21 साल के बेटे में भी कोई लक्षण नहीं थे, जांच में वह पॉजिटिव निकला, उससे डॉक्टर पिता भी संक्रमित हो गए। कमला नगर के मुगल रोड की कॉलोनी निवासी कंपनी में कार्यरत 24 साल का युवक 15 मार्च को नीदरलैंड से लौटा था, उसे कोई लक्षण नहीं आए। इस दौरान दादी संक्रमित हो गईं। अभी भी शहर में तमाम लोग विदेश से लौटे हैं, उनमें कोई लक्षण नहीं है। कुछ ही रिपोर्ट निगेटिव आइ है उनसे 14 दिन तक होम क्वारंटाइन के लिए कहा गया है। इनसे भी जमातियों की तरह ही संक्रमण फैलने का खतरा है। जमाती और उनके संपर्क में आए 38 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।

हो रही पड़ताल

पुलिस-प्रशासन की टीमें लगातार पड़ताल कर रही हैं। हर व्यक्ति से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। खांसी, जुकाम या फिर बुखार होने पर ब्लड सैंपल लिया जा रहा है, जबकि बाकी को सेल्फ क्वारंटाइन कराया जा रहा है।

इन्होंने किया संक्रमित

- खंदारी क्षेत्र के जूता कारोबारी के दो बेटे इटली से लौटे परिवार के तीन सदस्य, फैक्‍ट्री मैनेजर और उनकी पत्नी सहित पांच संक्रमित किए।

- बाइपास रोड स्थित हॉस्पिटल संचालक का बेटा अमेरिका से लौटा और डॉक्टर पिता को संक्रमित किया।

- कमला नगर मुगल रोड की एक कॉलोनी निवासी युवक नीदरलैंड से लौटा और 76 साल की दादी को संक्रमित किया, उनकी बुधवार को मौत हो चुकी है।

ये है डीएम का कहना

जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह का कहना है कि आगरा में कोरोना के मरीज बढऩे की एक नही कई वजह है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के डॉक्टरों से पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विमेंट (पीपीई) किट पहनकर मरीजों को देखने के लिए कहा है। साथ ही एक मीटर की शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील की गई है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। रेड जोन में लोगों से न जाने के लिए कहा गया है।

ट्रेवल हिस्‍ट्री के आधार पर हो रही स्‍क्रीनिंग

सीएमओ डा. मुकेश वत्‍स का कहना है कि 12 मार्च को और उसके बाद विदेश से लौटने वाले सभी की स्क्रीनिंग कराई जा रही है, कोई जानकारी ना छिपाए, इससे संक्रमण फैल सकता है, घर पर भी सबसे अलग रहें और जांच जरूर कराएं।

 

Posted By: Prateek Gupta

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